तारीफें किया करो किसी के हौसले को बुलंद किया करो किसी के मन में उम्मीद के दिए जलाया करो माना कि जिंदगी में उसका पहला कदम था। काम के प्रति पहला प्रयास था तो क्या हुआ। ये तो देखो कोशिश के प्रति कितना लगाव था। तारीफे किया करो किसी के हौसले को बुलंद किया करो। कभी हम ओर आप भी थे ,नीचे पायदान मै ये तारीफें जो पहुंचा देते हमें बुलंदियों के आसमान में। तारीफे किया करो किसी के हौसले को बुलंद किया करो नहीं जाता है इसमें कुछ आपका पर जिसकी तारीफे हो जाती है वो खुश हो जाता है उसे लगता है , कि वो कामयाब हो रहा है। ओर जिंदगी में आगे बढ़ रहा है।। तारीफे किया करो किसी के हौसले को बुलंद किया करो ।