क्या कभी विपक्ष ने या पक्ष ने यह आवाज उठाई है कि टेलीकॉम कंपनियों का भारत में महीना 28 दिन का क्यों ,दो दिन के अधिक पैसे कंपनी किस खाते में एडजस्ट करती है ,और जिनके सिम पर 2035 तक वैलिडिटी दी गई थी वो समाप्त कैसे ही गई ?,क्या यह भी कंपनियों का कोई घोटाला है?सवाल तो बनता है ।