पाठकों के लेख :तृप्ता भाटिया
Renu sharma

श्रद्धानुसार शुभकामनाएं 🙏
साल भर पूजा पाठ करे न करे लेकिन कुछ लोगों को क्रिसमस के आते ही तुलसी पूजन की याद जरूर आती है। क्योंकि वर्ष भर अपने धर्म का सम्मान हो न हो लेकिन दूसरे धर्म का तिरस्कार करना जरूरी है। यह वही लोग हैं जो विदेशी औरतों के गोरे जिस्म का साड़ी पहन कर पीठ और पेट दिखता देख, फूले नहीं समाते है कि देखो हिंदू धर्म का डंका विश्व में कैसे बज रहा है। हम विश्व गुरू हैं, फलाना हैं, दिमकना हैं। लेकिन अपने देश की महिलाएं आरामदायक डेनिम टॉप पहन कर ऑफिस या घूमने जाये तो इनके हिंदुत्व को दस्त लग जाते हैं। पता नहीं इतना दोगलापन कौन सी चक्की का आटा खा कर आता है। या फिर कुछ महानुभावों को अपनी संस्कृति को बचाने का दौरा पड़ता ही है , विदेशी दारू पी कर ।
अपनी खुशियों में इतना मस्त रहो की दूसरों से जलन का वक़्त ही न मिले।
तृप्ता भाटिया