*राम_की_जन्मस्थली_अयोध्या_होगी_बड़ी_पर्यटन_नगरी*



02 मई 2023- (#राम_की_जन्मस्थली_अयोध्या_होगी_बड़ी_पर्यटन_नगरी)-
अयोध्या करोड़ों हिन्दुओं की आस्था और विश्वास का स्थान है। यह उनका महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है। इसे भगवान राम की जन्म स्थली के रूप मे जाना जाता है। लगभग एक शताब्दी के लम्बे आग्रह और आन्दोलन के बाद वहां भगवान राम का भव्य मंदिर बनने का रास्ता साफ हुआ है। राम मंदिर आन्दोलन के साथ जिसमे न जाने कितने ही नौजवानों को अपने प्राणों की आहूति देनी पड़ी और एक लम्बी कानूनी लड़ाई भी लड़नी पड़ी। इस कानूनी लड़ाई का सुखद अन्त हुआ और राम मंदिर के पक्ष मे निर्णय आया और अब मंदिर निर्माण प्रगति पर है। उम्मीद है कि अगले वर्ष करोड़ों राम भक्तों का भव्य राम मंदिर का सपना साकार हो जाएगा। राम मंदिर निर्माण मे अपार धार्मिक पर्यटन की सम्भावनाएं देखी जा रही है। इसलिए अयोध्या मे आतिथ्य क्षेत्र की कंपनीज का जमावड़ा लगना शुरू हो गया है। प्रतिष्ठित दैनिक मे छपी रिपोर्ट के अनुसार ताज, रैडिसन, और आई टी सी होटल जैसे ब्रांड और ओयो जैसे सस्ते होटलो के साथ बड़ी संख्या मे कंपनीज वहां होटल खोलने की तैयारी कर रही है।
उत्तर प्रदेश सरकार का भविष्य मे अयोध्या मे 25000 कमरो का लक्ष्य है। रिपोर्ट बताती है कि टाटा समूह की आतिथ्य क्षेत्र की कम्पनी इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड ने दो संपत्तियां खोलने की योजना बनाई है। रैडिसन भी ऐसी योजना पर काम कर रही है। एक अन्य कंपनी आई.टी.सी होटल्स भी अयोध्या मे अवसरों की तलाश मे है। पिछले दस साल मे पर्यटन उद्योग तेजी से बढ़ रहा है। इसमे धार्मिक पर्यटन की भी बड़ी भागीदारी है। अच्छी सड़कें, रेल और हवाई सेवाओ ने पर्यटन बढ़ने मे सार्थक भूमिका अदा की है। अच्छी सड़क के चलते पर्यटन कैसे फलता-फूलता है इसका सटीक उदाहरण परवाणु सोलन फोर लेन निर्माण है। एक आंकलन के अनुसार फोर लेन रोड शुरू होने के बाद पर्यटकों के आने की संख्या दुगुनी हो गई है। अयोध्या मे हिन्दुओ के आराध्य देव भगवान राम का भव्य मंदिर बनने जा रहा है। सरकार वहां सारी आधुनिक सुविधाएं देने जा रही है। वहां अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा भी होगा ताकि विदेशी पर्यटक भी आ सके। अभी के आंकलन के अनुसार दो करोड़ सलाना पर्यटक अयोध्या का रूख कर रहे है। अखबार की रिपोर्ट के अनुसार अयोध्या मास्टर प्लान-2031 के आंकलन के अनुसार मंदिर के शुभ आरम्भ के बाद यह संख्या 4 करोड़ होने की प्रबल संभावना है। राम भक्तों का भगवान राम के साथ जो आध्यात्मिक रिश्ता है वह उन्हे खींच कर अयोध्या ले जाने के लिए काफी है। राम लला के दर्शन कर जो सन्तोष की अनुभूति होगी वह बोनस होगा।

#आज_इतना_ही कल फिर नई कड़ी के साथ मिलते है।