*चुनाव अहंकार और भगवान राम महेंद्र नाथ सोफत पूर्व मंत्री*


17 जून 2024- (#चुनाव_अहंकार_और_भगवान_राम)-

हालांकी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार के उस ब्यान से किनारा कर लिया है जिसमे बिना नाम लिए राम की पूजा करने वाली पार्टी को अहंकारी बताया है। निश्चित तौर पर उनका इशारा लोकसभा चुनाव मे उभरी सबसे बड़ी पार्टी भाजपा की ओर था। संघ ने स्पष्ट किया है कि यह संघ की राय नहीं है। इस स्पष्टीकरण के बावजूद इन्द्रेश जी के ब्यान की अनदेखी नहीं की जा सकती है। वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक के बड़े पदाधिकारी है। मेरे परिचित इन्द्रेश जी संघ के प्रचारक और विचारक है। उन्हे संघ का काम उन क्षेत्रों मे बढ़ाने के लिए जाना जाता है जो क्षेत्र संघ के लिए अछूते थे। उन्होने अपने ब्यान मे कहा कि जो लोग राम का विरोध करते थे, उनमे से किसी को भी सत्ता नहीं मिली यहां तक सबको मिला कर दूसरे नंबर पर खड़ा कर दिया है। उन्होने आगे कहा भगवान राम का न्याय बड़ा सत्य है, आनंददायक है। उन्होने कहा कि राम की भक्ति करने वाली पार्टी अहंकारी हो गई थी इसलिए उसका अहंकार तोड़ने के लिए उन्हे स्पष्ट बहुमत न देकर 241 पर रोक दिया। उन्होने इंडी गठबंधन को राम मे आस्था न रखने वाला बताते हुए कहा कि राम न्याय ने उन्हे 234 पर विराम दे दिया।
इन्द्रेश जी के अनुसार राम ने सबके साथ न्याय किया है। हालांकि इन्द्रेश जी की टिप्पणी कितनी तर्कसंगत है इस पर मै कोई टिप्पणी करने के योग्य नहीं हूँ, लेकिन इतना जरूर कह सकता हूँ कि वह बहुत ही विद्वान संघ पदाधिकारियों मे से एक है। स्मरण रहे इन्द्रेश जी का ब्यान संघ प्रमुख मोहन भागवत जी के उस ब्यान के बाद आया है जिसमे उन्होने कहा था कि एक सच्चे सेवक मे अहंकार नहीं होता और वह गरिमा बनाए रखते हुए लोगो की सेवा करता है। खैर कुछ विश्लेषक संघ प्रमुख भागवत जी और इन्द्रेश जी की टिप्पणियों को भाजपा की आलोचना मान रहे है, लेकिन मै उनसे सहमत नहीं हूँ। मेरी समझ मे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा का रिशता मां- बेटे जैसा है। उन दोनो के ब्यान आलोचना न हो कर ममता भरी मां की स्नेहपूर्ण डांट के साथ मार्गदर्शन है।
#आज_इतना_ही।