*पाठकों के लेख*बीजेपी के लिए चार राज्यों में जीत से खुशी लहर*

चुनाव विश्लेषण
बीजेपी के लिए चार राज्यों में जीत खुशी की बात है जबकि पंजाब में बीजेपी दौड़ में नहीं थी । आप पार्टी की पंजाब में जीत निश्चित थी लेकिन इतनी बड़ी जीत की उम्मीद नहीं थी कि बादल परिवार ही धराशाई हो जाएगा । पंजाब बहुत संवेदन शील इलाका है जिसकी अपनी जटिलताएं है । डर लगता है कि वास्तव में ही अगर केजरीवाल ने अलगाववादी तत्वों से समझौता किया होगा तब क्या होगा जैसा कि मीडिया में खबरे चल रही थी । फिर भी फिलहाल बेहतर की उम्मीद करते है और आप पार्टी को बधाई देता हूं ।
उत्तर प्रदेश , गोवा , मणिपुर और उत्तराखंड बीजेपी के लिए बहुत बड़ी राहत लेकर आया है , इसके लिए कर्मठ मोदी जी और योगी जी का योगदान है । हालांकि योगी जी की स्वीकार्यता कम लग रही थी और चुनावों के रुझानों से जीत तो निश्चित है लेकिन सीटों का नुकसान है । अब योगी को कुछ फ्री हैंड और मिलेगा और चुनौती भी अधिक होगी । विपक्ष को भी एक बात समझ लेनी चाहिए कि भ्रम की राजनीति से भीड़ इक्कठी हो सकती है ,सीमित आंदोलन भी हो सकते है लेकिन वोट नहीं मिलते । जनता भ्रम के मायाजाल को समझ जाती है । किसान आंदोलन , शाहीन बाग और हिजाब यही कुछ था लेकिन विपक्ष को लाभ नहीं मिला और ना ही पंजाब में ना यूपी में किसान नेताओ को कोई लाभ मिला । किसानों पर सवार कांग्रेस , अकाली दल , का सूपड़ा साफ हो गया ।कांग्रेस के लिए उत्तरप्रदेश में बहुत दुखदायक और शर्मनाक स्थिति है ।403 सीट में चार भी मुश्किल से प्राप्त करती दिखाई दे रही है जैसे शाहबानो और अरीफू मुहम्मद खान का श्राफ कांग्रेस के सर्वनाश का कारण बन गया है ।कांग्रेस में वामपंथियों की घुसपैठ ने इस पार्टी की स्थिति को और नुकसान पहुंचाया है। आखिर कब तक महात्मा गांधी का नाम इसको बचा सकता था । हैरानी है हर देश हित या सुरक्षा के मुद्दे पर भी प्रधानमन्त्री को सहयोग देने की जगह देश का नुकसान कर बैठती है । युक्रेन में छात्रों के मसले पर भी कांग्रेस और वामपंथी नेता एक दो छात्राओं से वामपंथी पत्रकारों से साक्षात्कार करवा कर प्रधानमन्त्री की आलोचना कर रहे थे यह बाते भी देश के समझदार नागरिकों प्रधानमन्त्री और देश के प्रति और भावुक कर देती है मेडिकल कालेजों की कमी का रोना रो कर यूक्रेन की तारीफ करना देश सहन नहीं कर सकता वास्तविकता यह है कि अब तक एक लाख से अधिक छात्र एमबीबीएस कर के आए है लेकिन भारतीय टेस्ट केवल लगभग 25000 छात्र ही कर पाए है । इस लिए यह मुद्दा भी धराशाई हो गया ।
इन चुनावों से बीजेपी के लिए राहत की खबर है हालांकि उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार धामी हार गए । फिर भी मुबारक की हकदार है और प्रधानमन्त्री की लोकप्रियता का परिणाम है यह जीत । लेकिन बीजेपी की चुनौती भी शुरू होती है , राज्यसभा में बहुमत की ओर बढ़ती हुई बीजेपी को ब्रेक लग जाएगी क्योंकि उत्तर। प्रदेश में सपा अधिक सीट ले गई और राष्ट्रपति चुनाव में भी मुश्किल खड़ी हो सकती है देखते है बीजेपी कैसे निपटती है । अंत में सभी जीते हुए उम्मीदवारों को बहुत बहुत बधाई ।

उमेष बाली