*ई पीएफ पर ब्याज दर घटाना – कहां तक न्याय संगत इस निर्णय से 60000000 जमाकर्ता नहीं उनके परिवार के चार सदस्य भी नाराज इस तरह लगभग25 करोड़ लोगों की नाराजगी सरकार ने मोल ली*
*ई पीएफ पर ब्याज दर घटाना – कहां तक न्याय संगत इस निर्णय से 50000000 जमाकर्ता नहीं उनके परिवार के चार सदस्य भी नाराज इस तरह 20 करोड़ लोगों की नाराजगी सरकार ने मोल ली*

ईपीएफ और ब्याज दर
ईपीएफओ का ब्याज दरों का कम करने की सिफारिश करना हरगिज़ भी निजी क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगो के लिए अच्छी खबर नहीं ।यह वरिष्ठ नागरिकों पर डाका है और निजी क्षेत्र में कार्यरत लोगो की बचत पर चोट है किसे हरगिज़ भी स्वागत योग्य कदम नहीं कहा जा सकता है । मै कुछ ऐसे वरिष्ठ लोगो को जानता है जो केवल बहुत कम नौकरी कर पाए और अब बुढ़ापे में उन्हें केवल एक हजार से लेकर पांच हजार तक ही पेंशन ही पाते हैं यह उनके बुढ़ापे को खराब करने जैसा है ।1977 से लेकर अब यह कमतर स्थित पर ब्याजदर अा जाएगी । सरकार को सोचना चाहिए कि वो पांच करोड़ लोगो को टारगेट नहीं अपितु बीस करोड़ लोगो को प्रभावित कर रही है वो भी नकारात्मक रूप से । केवल 450 करोड़ के लाभ के लिए बचत पर चोट न्याय संगत नहीं । मुझे उम्मीद है सरकार इस पर फैसला लेती बार सभी पहलुओं पर विचार करेगी । लेखक ;उमेश बाली
