*आर डी डी सम्मान लेने के बाद दुनिया छोड़ के चले गए श्री कृष्णा के नंद लाल शाहनवाज़ प्रधान*



आर डी डी सम्मान लेने के बाद दुनिया छोड़ के चले गए श्री कृष्णा के नंद लाल शाहनवाज़ प्रधान,
एक्टर अभिनेता या फिल्मी दुनिया ये शब्द दिमाग में आते ही एक अलग प्रतिविम्ब आपके दिमाग में चलने लगता है, जैसे आप किसी दूसरे लोक के बात कर रहे हो, और अगर आप ग्रामीण परिवेश से हो तो ये सोचना भी एक सपना सा लगता है पर उसी सपने को अपने मेहनत लगन और हिम्मत से पूर्ण किया छत्तीसगढ़ के एक छोटे से ग्रामीण अभिनेता, शाहनवाज़ प्रधान ने, जो आज भी अल्लिफ लैला, व मिर्जापुर के नाम से जाने जाते है, उन्होंने लगभग 100 टीवी सीरियल, व 25 फिल्मों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
शाहनवाज प्रधान रायपुर में लंबे समय तक रंगमंच से जुड़े रहे । उनका यादगार अभिनय आज भी लोगों के दिमाग मे जीवंत है । उनकी शानदार अभिनय प्रतिभा के चलते उन्होंने बॉलीवुड का रुख किया जहाँ उन्होंने एक शानदार जगह बनाई । पर वे अपने रायपुर के साथियों से हमेशा संपर्क में रहे । मृदु भाषी, हँसमुख शाहनवाज भाई हर दिल अजीज़, सबके बेहद क़रीबी बेहद ही आकर्षक और सरल स्वभाव के थे ।
उनके निधन के समाचार ने कला प्रेमियों को झकझोर दिया है । उनके अंतिम दर्शन व संस्कार में बॉलीवुड के लगभग हज़ारों लोग सम्मिलित हुए, अभिनेता, निर्माता पंकज रैना, अभिनेता प्रमोद कपूर, लेखक, निर्देशक, सोशल वर्कर इरफान जामियावाला, आमीन चंद्रवारकर, प्रशांत शकरी वरिष्ठ अभिनेता के.के.शुक्ला और उनके परम मित्र धर्मेंद्र गुप्ता, अनिल कुमार शिंपी, अभिनेता संजय बत्रा व क्राइम पेट्रोल फेम जस्सी जी भी मौजूद थे, सभी फिल्म टीवी के लेखक, अभिनेताओ ने नम आँखों से विदाई दी,ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे ।।
शाहनवाज़ मंच से अपना अवार्ड लेकर नीचे उतरे तभी इरफान जामियावाला ने कहाँ अब चायोस् पे चाय तो बनती है उनके बगल में विनोद वत्स हसने लगे, थोड़ी देर शाहनवाज़ बैचेन होने लगे तभी विनोद वत्स उनको एकुप्रेशर करने लगे तभी इरफान जामियावाला ने सोर्बिटरेट की गोली देने की कोशिश की पर वहाँ मौजूद डॉक्टर ने रोक दिया फिर धर्मेंद्र गुप्ता आ गए, इरफान,पंकज जी, धर्मेंद्र भाई, शक्ति जी और अनिल जी उनको लेकर हॉस्पिटल पहुँचे पर जब हम लोग उन्हे नीचे उतार रहे थे तभी अंदाज़ा हो गया था की कुछ गड़बड़ है, लोगों ने उन्हे हॉस्पिटल में दाखला किया पर वो वही दम तोड़ चुके थे फिर भी उन्हे हॉस्पिटल में दाखला किया और डॉक्टर ने बहुत प्रयास किया पर कुछ न हो सका और इस तरह शनवाज़ प्रधान हार्ट अटेक के वजह से हमे छोड़ के इस दुनिया से रुख़्शते फ़ानी हो गए,
लेखक: इरफ़ान जामियावाला