*सारा_देश_गूंज_रहा_श्री_राम_के_जयकारों_से: लेखक महेंद्र नाथ सोफत पूर्व मंत्री हिमाचल प्रदेश सरकार*


*सारा_देश_गूंज_रहा_श्री_राम_के_जयकारों_से: लेखक महेंद्र नाथ सोफत पूर्व मंत्री हिमाचल प्रदेश सरकार*

21 जनवरी 2024-(#सारा_देश_गूंज_रहा_श्री_राम_के_जयकारों_से)–
राम मंदिर अयोध्या मे 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम होने जा रहा है। इस दिन के लिए चारों तरफ जबरदस्त उत्साह का वातावरण है। यह दीवाली की तरह बड़ा उत्सव होगा। इसके लिए बड़े स्तर पर तैयारी हो रही है। सभी छोटे-बड़े शहरों मे दीप प्रज्वलित होंगे तथा लाइटिंग से जग-मगा जाएगें। मंदिरों मे भजन कीर्तन का आयोजन होगा और भंडारे लगाए जाएंगे। रामलला की पहली तस्वीर सामने आ चुकी है जो मनमोहने वाली है। मधुर मुस्कान, माथे पर तिलक और हाथ मे धनुष- बाण। स्मरण रहे गर्भ गृह मे रखी जाने वाली रामललला की यह मूर्ति काले पत्थर से बनी 51 इंच ऊंची है।राम जन्म भूमि मुक्ति आंदोलन का कार्यकाल लगभग पांच सौ वर्षों का रहा है। इस राम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन मे गरीब-अमीर और राजा से रंक तक ने आहूती डाली है। संतो, मंहतो, जोगियों, सन्यासियों और बैरागियों ने इसे अपनी निष्ठा का प्रश्न माना। हिन्दुओं, सिखों, निहंग सिखों ने अपने-अपने ढंग से इसमे भाग लिया। इस आन्दोलन मे कई राम भक्त शहीद हुए।
इस आन्दोलन का असली श्रेय भाजपा सहित संघ परिवार को जाता है। राम जन्म भूमि को जन-जन तक पहुंचाने का श्रेय लाल कृष्ण अडवानी जी की रथ यात्रा को देना होगा। उनकी प्रेरणा से ही लाखों-लाख कारसेवकों ने अयोध्या कूच किया था। मुलायम सिंह की सरकार की गोलियों और लाठियों का सामना किया। मुझे भी इस आन्दोलन का हिस्सा बनने का अवसर मिला था। जब 1991 में कारसेवा के लिए मै अपने सहयोगी कार्यकर्ताओं के साथ अयोध्या की ओर बढ़ रहा था तो हमे मुलायम की पुलिस ने कानपुर मे गिरफ्तार कर उन्नाव जेल मे 22 दिन के लिए बंद कर दिया था। हम सब हिमाचलियों को इस बात पर भी गर्व होना चाहिए की यह जो राम मंदिर को लेकर आन्दोलन बीते तीन दशकों मे चला इसकी नींव हिमाचल के पालमपुर मे रखी गई थी। शताब्दियों से चल रहे आंदोलन को गति भाजपा की पालमपुर मे सम्पन्न राष्ट्रीय कार्यसमिति के उस प्रस्ताव से मिली जिसमें भाजपा ने राम मंदिर आन्दोलन के साथ औपचारिक तौर पर जुड़ने का निर्णय किया था। मुझे खुशी है कि मुझे उस कार्यसमिति के प्रबंधन मे सक्रिय भूमिका अदा करने का अवसर मिला था। खैर अब हम कारसेवकों का सपना साकार होने जा रहा है।
भव्य मंदिर और भव्य प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए जनता का उत्साह अति प्रशंसनीय है, लेकिन कांग्रेस सहित विरोध पक्ष खफा है। राहुल गांधी प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम को संघ और भाजपा का बता कर समारोह के निमंत्रण को ठुकरा चुके है। विपक्ष इसलिए भी खफा है कि उन्हे लगता है कि मंदिर प्रकरण से भाजपा को राजनीतिक लाभ मिल सकता है। मेरी समझ मे यदि भाजपा को लाभ मिलता है तो इसमे क्या बुराई है क्योंकि जो लड़ाई लड़ेगा वही श्रेय का हकदार होगा। कांग्रेस ने आज़ादी की लड़ाई लड़ी और उसका पुरा श्रेय लिया। इतना ही नहीं 70 वर्ष तक राजनैतिक लाभ भी उठाया। मेरे विचार मे राम मंदिर आन्दोलन के माध्यम से जो हिन्दु जागरण हुआ है, उसने देश की राजनीति की दिशा बदल दी है। अब कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टियों को भी उसी दिशा मे देर- सवेर चलना होगा।

#आज_इतना_ही।