Social and cultural
सुंदर रचना:- याद आते हैं ,byManmohan Singh
याद आते है
लेखक मनमोहन सिंह

tricity times
जब गुज़रे ज़माने याद आते हैं,
कुछ दोस्त पुराने याद आते हैं।
उम्र के इस पड़ाव पर यारो,
अपने बेगाने याद आते हैं।
हंसी लबों पे आ जाती है,
छलके पैमाने याद आते हैं।
जिनमें बैठ पिया करते थे ,
वे सब मयखाने याद आते हैं।
जो अल्हड़पन में थे देखे,
वे ख्वाब सुहाने याद आते हैं।