Editorial*पायलट_और_गहलोत_के_घमासान_के_केन्द्र_मे_है_वसुंधरा_राजे*



13 मई 2023- (#पायलट_और_गहलोत_के_घमासान_के_केन्द्र_मे_है_वसुंधरा_राजे)-
राजस्थान की राजनीति बहुत ही दिलचस्प हो गई है। सचिन पायलट और अशोक गहलोत मे जबरदस्त घमासान चल रहा है। इस घमासान युद्ध की तपस भाजपा को भी महसूस हो रही है। सचिन वसुंधरा के प्रति नरम रूख अपनाने और उनके मुख्यमंत्री काल के समय के घोटालो की जांच न करवाने के आरोप अपनी ही पार्टी कांग्रेस के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर लगा रहे है। अब उन्होने भ्रष्टाचार के खिलाफ 125 किलोमीटर की पदयात्रा शुरू की है। उधर राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है कि सचिन पायलट की यह पदयात्रा भ्रष्टाचार के खिलाफ न होकर असल मे राजनीतिक यात्रा है। विश्लेषक आगे कहते है कि असल मे सचिन वसुंधरा काल के भ्रष्टाचार की बात कर गहलोत पर निशाना साध रहे है और राजस्थान की राजनीति के जानकार कहते है कि यह पदयात्रा तो शुरुआत है और सचिन यात्रा का अन्त क्षेत्रीय दल के गठन के साथ हो सकता है।
गहलोत जो कि जादूगर के नाम से भी जाने जाते है ने एक ऐसा बयान दागा है कि सचिन और वसुंधरा दोनो को कटघरे में खड़ा कर दिया है। उन्होने बिना सचिन का नाम लिए कहा कि मेरी सरकार पलटने के लिए विधायकों को दस -दस करोड़ रूपए दिए गए थे। उन्होने यह भी आरोप लगाया कि मेरी सरकार गिराने का ऑपरेशन एक प्रभावशाली केन्द्रीय मंत्री के निर्देशन मे हो रहा था। जादूगर गहलोत ने वसुंधरा राजे का अपनी सरकार बचाने मे भूमिका की सराहना करते उनका धन्यवाद भी किया। बस यहीं पर जादूगर ने अपनी जादूगरी दिखा कर वसुंधरा को रक्षात्मक कर दिया। स्मरण रहे वसुंधरा राजे पहले से ही भाजपा मे अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। गहलोत का यह धन्यवाद वसुंधरा को भाजपा मे असहज कर सकता है। एक जानकारी के अनुसार भाजपा राष्ट्रीय नेतृत्व पहले ही राजस्थान मे वसुंधरा का विकल्प खोज रहा है, लेकिन वसुंधरा आज भी राजस्थान की राजनीति मे प्रासंगिक और महत्वपूर्ण है। तभी तो सचिन और गहलोत दोनो उनका नाम लेकर राजनीति कर रहे है। जहां सचिन ने पदयात्रा शुरू कर गहलोत और कांग्रेस हाईकमान को चुनौती दी है, वहीं गहलोत ने यह बयान दे कर जहां सचिन की आलोचना की है वहीं वसुंधरा को असहज कर दिया है। इसे कहते है “एक तीर से दो निशाने”। मेरी समझ मे वसुंधरा के तरकश से तीर निकलने अभी शेष है। जैसे जैसे चुनाव निकट आएगें उनके तीर भी तरकश से बाहर आएगें।

#आज_इतना_ही कल फिर नई कड़ी के साथ मिलते है।