*30 अप्रैल को राष्ट्रीय महत्व के 11 मुद्दों के समाधान के लिए जंतर-मंतर दिल्ली में राष्ट्र भक्तों का एक दिवसीय अनशन अभूतपूर्व रहा । स्वाभिमान पार्टी के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष बलदेव राज सूद*



प्रेस विज्ञप्ति
30 अप्रैल को राष्ट्रीय महत्व के 11 मुद्दों के समाधान के लिए जंतर-मंतर दिल्ली में राष्ट्र भक्तों का एक दिवसीय अनशन अभूतपूर्व रहा । स्वाभिमान पार्टी के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष बलदेव राज सूद द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि डाः तरुण कोठारी के नेतृत्व में 30 अप्रैल प्रातः 10 से सांय 5 बजे तक 101 लोगों ने अनशन के बाद माननीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन देकर मांग की:-
(1)केंद्रऔर राज्य सरकारों/जिला प्राधिकरणों द्वारा लगाए गए लाॅकडाउन के कारण हुऐ नुकसान या आजीविका,आय,व्यवसाय, शिक्षा या जीवन की हानी के कारण जिन जिन का नुकसान है,उन सभी को मुआवजा दिया जाए, क्योंकि लाॅक डाउन असंवैधानिक, गैर कानूनी एवं अवांछित था।
(2) कोविड टीकों के साइड इफेक्ट के रुप में अपनी जान गंवाने वाले या गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करने वाले सभी लोगों को मुआवजा दिया जाए।
(3) 10 बर्ष से अधिक पुराने डीजल वाहन और 15 बर्ष से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों के उपयोग पर प्रतिबंध के कानून/सरकारी निर्देशों को रद्द किया जाए।
(4)ईस्ट इंडिया कंपनी एवं ब्रिटिश सरकार ने भारत से लगभग 400 ट्रिलियन USD की लूट की थी।हमारी इस संपति को वापिस लाने की कार्यवाई तत्काल प्रारंभ की जाऐ।
(5)स्विस बैंको में भारतीयों का लगभग 1000 लाख करोड़ रुपया काला धन जमा है। इस रुपए को तुरंत ही स्विट्जरलैंड से भारत लाया जाए।
(6)भारत में आयकर,जीएसटी सहित सभी करों में छूट दी जाए।
(7) सभी हिंदू मंदिरों और मठों पर से सरकारी नियंत्रण हटाया जाए।
(8) गौमाता को राष्ट्र माता का सम्मान दिया जाए एवं सभी प्रकार के गोवध पर प्रतिबंध लगाया जाए।
(9)किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP)की गारंटी प्रदान की जाए।
(10)ईवीएम चुनाव तंत्र/मशीनों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष समीक्षा का आदेश दिया जाए।
(11) भ्रष्टाचार रोकने के लिए सभी राजनीतिक दलों के चुनाव चिन्ह की समाप्ति की जाए।
बलदेव राज सूद ने बताया कि अनशन पर भारतीय किसान यूनियन अध्यक्ष गुमनाम सिंह चडूनी,महाराष्ट्र के प्रसिद्ध समाज सेवक प्रकाश पोहारे,जनता मोर्चा सरकार के विमल कुमार सक्सेना,अधिवक्ता शाहिल गोयल, अनेक साधु-संतों आदि के साथ दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, जम्मू कश्मीर, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, विहार, झारखंड, राजस्थान, उडीसा, प्रदेशों के 200से अधिक गोभक्त,राष्ट्र भक्त ,समाज सेबक अनशन के समर्थन में बैठे।