*वारिस_पंजाब_दे_जत्थेबंदी_का_प्रमुख_अभी_फरार* M.N SOFAT*



23 मार्च 2023- (#वारिस_पंजाब_दे_जत्थेबंदी_का_प्रमुख_अभी_फरार)-
पंजाब पुलिस का दावा है कि खालिस्तान समर्थक अमृत पाल सिंह जालंधर के निकट शनिवार को पुलिस नाके से अपने साथियों के साथ ब्रेजा कार मे भाग निकला है। अस्सी हजार की मजबूत फोर्स को चकमा दे कर भाग जाना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। पंजाब एवम् हरियाणा हाईकोर्ट ने इसे इंटेलिजेंस की असफ़लता बताया है। कोर्ट ने अमृत पाल सिंह को गिरफ्तार करने के सारे आप्रेशन की रिपोर्ट तलब की है। मेरी समझ मे सुरक्षा बलों, पंजाब पुलिस और गुप्तचर ऐजंसी से बड़ी चूक हुई है। पुलिस का अमृत पाल सिंह पर आरोप है कि वह राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर खतरा है और वह पंजाब को बांटने की साजिश रच रहा था। ऐसे खतरनाक और देश विरोधी शख्स को गिरफ्तार करने की योजना पुरी तरह फुलप्रूफ होनी चाहिए थी। हांलाकि सोशल नेटवर्किंग पर अमृत पाल सिंह के फरार हो जाने को लेकर बहुत सी बातें कही जा रही है। मै न तो उन बातों का अनुमोदन कर सकता हूँ और न ही उन्हे नकार सकता हूँ, लेकिन इतना जरूर है कि अमृत पाल सिंह जैसा अभियान चला रहा था और जैसी वह देश विरोधी बातें कर रहा था इसके चलते सुरक्षा बलों मे उससे सहानुभूति रखने वाले भी हो सकते है।
यह बात मै अस्सी के दशक को याद करते हुए कह रहा हूँ जब पंजाब पुलिस मे ऐसे लोगो की पहचान की गई थी जो उस समय जरनैल सिंह भिडंरावाला से सहानुभूति रखते थे।अभी इस शक की कोई पुष्टी नहीं हुई है लेकिन इस दृष्टि से विवेचना होना जरूरी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अमृत पाल सिंह ने भेष बदल कर पुलिस को चकमा दिया है। उन चार लोगो को गिरफ्तार किया गया जिन्होने उसके भागने मे उसकी मदद की थी। पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा है कि देश के खिलाफ पंजाब मे पनपने वाली ताकतों को नही बखशेगें। ब्यान स्वागत योग्य है, लेकिन मेरे विचार मे ब्यान से ज्यादा जरूरत एक्शन की है। इसके लिए पंजाब के वर्तमान मुख्यमंत्री पंजाब के लिए शहीद हुए मुख्यमंत्री बेअंत सिंह से प्रेरणा ले सकते है। स्मरण करें सरदार बेअंत सिंह ने ब्यान कम दिए लेकिन एक्शन पुरा लिया और अपनी जान पर खेल कर देश विरोधी ताकतों को खत्म करने मे सफल रहे।

#आज_इतना_ही कल फिर नई कड़ी के साथ मिलते है।