पाठकों के लेख एवं विचार
*चाँद पे चढ़ के भैया*


चाँद पे चढ़ के भैया
चाँद पे चढ़ के हम भैया सूरज की ओर जाएंगे।
सेक सेक कर सबकी रोटी धरती पर पहुंचाएंगे
कोई नही रहेगा भूखा हम दिल से वादा करते है।
हम ऐसे नेता है जो सारे भूखों का पेट भरते है।
वोट मिले या न मिले हम हर घर राशन डलवायेंगे
सेक सेक कर सबकी रोटी धरती पर पहुंचाएंगे।
चाँद पर करेंगे सब मिलके संडे को पिकनिक।
मंगल से ठंडी बियर दारू चखना मंगवाएंगे।
एक पेग लगा के शुक्र को सारी रात नचाएंगे।
सेक सेक कर सबकी रोटी धरती पर पहुंचाएंगे।
शनि से पंगा मत लेना वरना सलवार में भागोगे।
ग्रहों की ताकत को जानो कहा तक बेटा भागोगे
अकड़ दिखाई उनको वो बिन झाड़ू मोर बनाएंगे।
सेक सेक कर सबकी रोटी धरती पर पहुंचायेगे।
विनोद शर्मा वत्स