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*Editorial Mahendra Nath sofat: हिमाचल_का_राजनैतिक_संकट_और _स्वर्गीय_वीरभद्र_सिंह_जी_की_प्रतिमा*

 

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5 मार्च 2024- (#हिमाचल_का_राजनैतिक_संकट_और _स्वर्गीय_वीरभद्र_सिंह_जी_की_प्रतिमा।)–

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हिमाचल मे राजनैतिक संकट जारी है। इस संकट के सूत्रधार निश्चित तौर पर इस सरकार के कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य है। वह अपनी ही सरकार से नाराज चल रहे है। उन्हे और उनकी सांसद माताश्री को सुखविंदर सिंह सुख्खू सरकार से ढेर सारी शिकायते है। उनकी पहली शिकायत है कि वह चाहते है कि शिमला के रिज मैदान पर वीरभद्र सिंह जी की एक प्रतिमा स्थापित की जाए। उनका कहना है कि वीरभद्र सिंह जो प्रदेश के 6 बार मुख्यमंत्री रहे, केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष रहे हिमाचल के क़द्दावर नेता थे। उनका हिमाचल के विकास मे बड़ा योगदान था, इसलिए जैसे रिज पर हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री वाई एस परमार की प्रतिमा लगाई गई है वैसे ही वीरभद्र सिंह जी की प्रतिमा भी लगाई जानी चाहिए।

रिज पर जहां पहले से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, हिमाचल को पूर्ण दर्जा देने वाली पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, और पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेई और हिमाचल निर्माता डॉक्टर वाई एस परमार की प्रतिमाएं मौजूद है। अब क्या एक और प्रतिमा रिज पर लगनी चाहिए या नहीं इस पर खूब चर्चा हो रही है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुख्खू इसके पक्ष मे नहीं है। खैर इसी बीच हिमाचल के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने यह मांग की है कि मेरे दादा प्रदेश के लगातार तीन बार मुख्यमंत्री रहे ठाकुर राम लाल की प्रतिमा भी रिज मैदान मे लगनी चाहिए। स्मरण रहे ठाकुर राम लाल भी हिमाचल के क़द्दावर नेताओं मे से एक थे। वह हिमाचल के तीन बार मुख्यमंत्री रहे, वह आन्ध्रप्रदेश के गवर्नर और हिमाचल विधान सभा के नौ बार सदस्य रहे। एक और बात उनके पक्ष मे जाती है कि वह कभी भी कोई चुनाव नहीं हारे। उल्लेखनीय है कि उन्होने 1990 मे जुब्बल- कोटखाई से स्वर्गीय वीरभद्र सिंह को भी पराजित कर दिया था।

मेरी समझ मे सरकार सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को जीवन काल मे एक समान कई सुविधाएं उपलब्ध कराती है। अब रोहित और विक्रमादित्य मे यह वाक युद्ध उनके स्वर्गीय होने के बाद सम्मान को लेकर है। मेरे विचार मे सभी मुख्यमंत्री पद पर रहे व्यक्तियों ने प्रदेश के विकास मे योगदान दिया है। आज दो पूर्व मुख्यमंत्रियों के वंशज अपने पिता और दादा की प्रतिमा लगाने की मांग कर रहे है। इस संसार मे कोई भी अमर नहीं है तो क्या गारंटी है अन्य पूर्व मुख्यमंत्री जब अगली यात्रा के लिए कूच करेंगे तो उनके वंशज रिज पर 6 गज जमीन की मांग करते हुए प्रतिमा की मांग नहीं करेंगे। फिर ठीक है नीतिगत फैसला ही कर लो कि सभी मुख्यमंत्री रहे व्यक्तियों की प्रतिमाएं रिज पर स्थापित की जाएगीं। मै यह कहते हुए क्षमा प्रार्थी हूं। अगर इस प्रकार प्रतिमा लगाने की मांग होती रही और स्वीकार भी होती रही तो रिज, रिज कम और एक कब्रिस्तान अधिक दिखाई देगा।

#आज_इतना_ही।

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