After effect:*सुन_चंपा_सुन_तारा_कौन_जीता_कौन_हारा* महेंद्र नाथ सोफत पूर्व मंत्री
07 जून 2024- (#सुन_चंपा_सुन_तारा_कौन_जीता_कौन_हारा)–
खबर है कि नरेंद्र मोदी सर्वसम्मति से राजग के नेता चुन लिए गए है। वह कल शपथ ले सकते है। तीसरी बार लगातार प्रधानमंत्री बनना बड़ी बात है। मेरी समझ मे इस बार भाजपा अपनी जीत पर सन्तोष तो कर सकती है लेकिन गर्व नहीं कर सकती। भाजपा इस बार अपने लिए 370 और जनतांत्रिक गठबंधन के लिए 400 अधिक सीटो के लिए मतदाताओं से गुहार लगा रही थी। मतदाताओं ने भाजपा की गुहार की अनदेखी करते हुए उन्हे 240 पर सन्तोष करने का जनादेश दिया है और एन डी ए को 400 पार के स्थान पर 293 सीटें दी है। भाजपा को इस बात का सन्तोष हो सकता है कि वह अपनी मुख्य प्रतिद्वंदी कांग्रेस से बहुत आगे है, लेकिन वह अपने लक्ष्य से बहुत पीछे है। विश्लेषकों का मानना है कि 400 पार का नारा भाजपा और जनतांत्रिक गठबंधन के लिए घातक रहा। विपक्ष ने इसे संविधान संशोधन के साथ जोड़ा और कहा कि वह मनमर्जी के फैसले करने के लिए बड़ा बहुमत मांग रहे है। विपक्ष ने संविधान संशोधन को लेकर अल्पसंख्यक वर्ग और अनुसूचित वर्ग को भी भ्रमित किया और कहा संविधान संशोधन को इन वर्गों के अधिकारों को कम करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
मेरे विचार मे भाजपा एक मजबूत सरकार के लिए जनादेश चाहती थी लेकिन जनादेश एक मज़बूर सरकार के लिए मिला है। अब नई सरकार पुरी तरह नितीश कुमार और चन्द्रबाबू नायडू पर आश्रित होगी। दोनो ही मौकापरस्ती के लिए जाने जाते है। सत्ता आंकडो का खेल है। अभी यह आंकडे नितीश और चन्द्रबाबू नायडू के पक्ष मे है। निश्चित तौर पर दोनो ही नई सरकार पर दबाव बना कर रखेंगे और अपनी शर्तों पर समर्थन देंगे। अब सरकार मोदी सरकार की जगह एन.डी.ए सरकार कहलायेगी। खैर सरकार पर इन दोनो का कितना दबाव होगा यह जानने के लिए हमे सरकार के गठन का इतंजार करना होगा।
#आज_इतना_ही।