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Editorial*धीमी_गति_की_हिमाचल_की_नई_सरकार_अलोकप्रिय_निर्णय_तेज_गति_से_ले_रही_है*

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11 जनवरी 2023- (#धीमी_गति_की_हिमाचल_की_नई_सरकार_अलोकप्रिय_निर्णय_तेज_गति_से_ले_रही_है)–

हिमाचल की नई कांग्रेस सरकार से लोगो को बहुत उम्मीदे थी। नई सरकार को भाजपा से नाराज चल रहे मतदाताओं ने बहुमत मे लाने के लिए मदद की थी। पिछले एक मास का अवलोकन किया जाए तो सरकार कुल मिलाकर धीमी गति से चलती नजर आती है। मुख्यमंत्री जी ने अपने मंत्रीमंडल का गठन करने मे लगभग एक माह का समय लगा दिया फिर भी वह पूरे मंत्रियों का चयन करने मे असफल रहे। प्रदेश का एडवोकेट जनरल सरकार का सबसे बड़ा कानूनी सलाहकार और हाईकोर्ट मे कानूनी मामलों मे सरकार का प्रतिनिधित्व करता है। उसकी नियुक्ती भी लगभग तीन सप्ताह बाद हो सकी। मुख्यमंत्री जी को अपना प्रधान सचिव चुनने मे भी समय लगा, लेकिन कुछ मामलों मे सरकार ने बहुत तेज गति से काम किया है। सरकार ने भाजपा सरकार द्वारा खोले गए विभिन्न कार्यालय और संस्थान बिना देर किए तुरंत प्रभाव से डिनोटिफाई कर दिए। हालांकि मेरी समझ मे इनको डिनोटिफाई करने से पहले इनकी जांच परख जरूरी थी और इनको बंद करने का निर्णय गुण- दोष के आधार पर होना चाहिए था। मेरे विचार मे भाजपा कार्यकाल मे भले इन संस्थानो को अंतिम वर्ष मे खोला गया था लेकिन इनको खोलने की मंजूरी मंत्रीमंडल द्वारा दी गई थी। अब इनको डिनोटिफाई करने की मंजूरी भी मंत्रीमंडल से लेना अनिवार्य थी।

मुख्यमंत्री जी ने मंत्रीमंडल के गठन से पहले ही 6 विधायकों को मुख्य संसदीय सचिव की शपथ दिला कर सरकार पर भारी भरकम फिजूल खर्च डाल दिया है। मंहगाई का विरोध कर सत्ता में आई सरकार ने पहले ही महीने मे तीन रूपए डीजल पर वैट बढ़ा कर मंहगाई को बढ़ाने के लिए दावत दी है। इसके दूरगामी परिणाम होंगे। नालागढ़ की ट्रक यूनियन ने डेढ़ रूपए प्रति कि॰ मी॰ के हिसाब से किराया बढ़ाने की घोषणा कर दी है। प्राइवेट बस यूनियन ने किराए मे वृद्धि करने की मांग की है। डीजल पर वैट की वृद्धि से हर चीज महंगी होने का अंदेशा है। वैट वृद्धि के चलते अदानी सीमेंट उद्योग और ट्रांसपोर्टर्स के बीच समझौता होना और कठिन हो सकता है। इस प्रकार के निर्णय सरकार को शीघ्र ही अलोकप्रिय कर सकते है। मुख्यमंत्री और नई सरकार को एक बात ध्यान मे रखनी चाहिए कि लोकसभा चुनाव मे डेढ़ वर्ष से भी कम का समय शेष है और लोकसभा के चुनावों के दौरान उन्हे इन अलोकप्रिय निर्णयों की कीमत अदा करनी पड़ सकती है।

#आज_इतना_ही कल फिर नई कड़ी के साथ मिलते है।

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