*Editorial:-केरल स्टोरी फिल्म_की_कहानी_सच्चाई_पर_आधारित_है ,:Mn sofat एक्स मिस्टर हिमाचल प्रदेश*



07 मई 2023- (” #द_केरल_स्टोरी ” #फिल्म_की_कहानी_सच्चाई_पर_आधारित_है)-
हर बात के दो अर्थ निकाले जा सकते है। जब कश्मीर फाइल्स फिल्म आई तो कुछ लोगो ने उस फिल्म की खूब सराहना की और कहा कि फिल्म उन सच्ची घटनाओं पर आधारित है जो नब्बे के दशक मे घटी थी या एक समुदाय विशेष ने जो जुल्म कश्मीरी पंडितो पर किए थे। इस फिल्म की कुछ लोगो ने आलोचना भी खूब की थी। उनका कहना था कि फिल्म कश्मीर फाइल्स एक एजेंडा फिल्म है और एक विशेष राजनैतिक उद्देश्य से निर्मित की गई थी। खैर अब वैसी ही एक सच्ची पृष्ठभूमी को लेकर ” द केरल स्टोरी” फिल्म बनाई गई है। यह फिल्म भी आतंकी साजिश का खुलासा करती है।कुछ लोग इस फिल्म का भी विरोध कर रहे है और इस पर भी एजेंडा फिल्म होने का आरोप लगा रहे है। लव जिहाद शब्द का उपयोग एक संवेदनशील मन स्थिति है और इसे लिखना या इस पर कोई टिप्पणी करना एक गभींर जिम्मेदारी है। लेकिन फिल्म ” द केरल स्टोरी ” समझाती है कि इसे अंजाम कैसे दिया जाता है। फिल्म खत्म होने के बाद उन लोगो के असल इंटरव्यू भी दिखाए गए है, जिनके साथ ये सब वाकई हो चुका है। एक प्रतिष्ठित दैनिक मे फिल्म की कहानी का सारांश छपा है। सारांश के अनुसार एक हंसते- खेलते परिवार की युवती शालिनी जिसे अपनी संस्कृति, अपने परिवार, रहन-सहन और आस पड़ोस से प्यार है नर्स बनने के लिए नर्सिंग कालेज आती है। हॉस्टल मे उसकी जिन युवतियों से दोस्ती होती है, उनमे से एक उसे ऐसे रास्ते पर ले जाने का ताना- बाना बुनती है, जहां से वापसी की राह नहीं है।
केरल से श्रीलंका, श्रीलंका से अफगानिस्तान और अफगानिस्तान से सीरिया का उसका सफर वहां आकर थमता है जहां उसके जैसी तमाम लडकियां आतंकवादी संगठन आईएसआई के कैंप में इसलिए जमा की जाती है कि वे इन आंतकवादियो की देह की भूख मिटा सकें। यह भी उल्लेखनीय है कि फिल्म के निर्देशक सुदीप्तो द्वारा निर्देशित फिल्म शुरुआत मे ही दावा करती है कि जिन युवतियों पर यह फिल्म बनाई गई है, उनके घरवालो ने कैमरे पर अपनी आपबीती सुनाई है। अदा शर्मा ने फिल्म द केरल स्टोरी मे मुख्य भूमिका निभाई है। उन्होने अपनी कला के दम पर अपने चरित्र को जीवंत कर फिल्माया है। इस फिल्म ने यह दिखाने मे सफलता पाई है कि किस तरह दिखावे के हमले, दिखावे की सहानुभूति और दिखावे के प्रेम से युवतियों को बरगलाया जाता है। कुल मिला कर यह फिल्म शिक्षा भी देती है और आंतकवादियो का भांडा भी फोड़ती है। सिनेमा जन-मानस तक बात पहुंचाने का एक सुदृढ़ माध्यम है। फिल्म के माध्यम से पहुंचाई गई बात या सच्चाई आमजन के जल्दी समझ आती है और उसका प्रभाव देर तक रहता है। ” द केरल स्टोरी” एक कठिन विषय पर बनाई गई ऐसी फिल्म है जो कुछ धर्म प्रचारकों के हथकंडो का पर्दाफाश करती हुई सच को उजागर करती हुई सच्ची कहानी है। मेरी समझ मे सच- झूठ की विवेचना तो हो सकती है, लेकिन सच पर किसी राजनीतिक ऐजंडे का आरोप लगाकर अनदेखी नहीं की जा सकती।

आज इतना ही कल फिर नई कडी के साथ मिलते है।