*छिड़ चौक बन्दला से कन्डी पुल तक की पगडंडी पर नगर निगम को ध्यान देने की आवश्यकता*


“छिड़ चौक से कंडी पुल तक की सीढ़ियाँ — एक उपेक्षित रास्ता, जिसे सुधरने की सख्त ज़रूरत” नगर निगम की लापरवाही की इंतहा”

पालमपुर बन्दला छिड़ चौक से नीचे कंडी पुल की ओर जाने वाली सीढ़ियाँ आज एक ऐसी स्थिति में पहुँच चुकी हैं जहाँ वे न सिर्फ चलने लायक नहीं रहीं, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए खतरे का कारण बन चुकी हैं। वर्षों से यह रास्ता सैकड़ों लोगों की दिनचर्या का हिस्सा रहा है — चाहे वो शहर जाने वाले ग्रामीण हों, मॉर्निंग वॉक करने वाले नागरिक हों या रोज़मर्रा के काम से निकलने वाले लोग।
लेकिन अफसोस की बात है कि इन सीढ़ियों की हालत पर किसी का ध्यान नहीं है। बरसात के दिनों में यहां कीचड़ और फिसलन इतनी ज्यादा हो जाती है कि हर कदम पर फिसलने का डर बना रहता है। कई जगहों पर झाड़ियाँ उग आई हैं, तो कहीं कूड़ा-कर्कट का अंबार है। सफाई और मरम्मत तो दूर, मानो यह रास्ता किसी की ज़िम्मेदारी ही नहीं रहा।
चिंता की बात यह है कि इस वार्ड का प्रतिनिधित्व करने वाले जनप्रतिनिधि भी इस ओर से आंखें मूंदे हुए हैं।
उनकी प्राथमिकता सूची में शायद यह मार्ग नहीं आता, जबकि यहां से हर दिन कई बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे गुजरते हैं। क्या जनसेवा का दायित्व सिर्फ चुनाव जीतने तक सीमित है? क्या वार्डवासियों की सुविधा, सुरक्षा और बुनियादी ज़रूरतें उनके एजेंडे का हिस्सा नहीं हैं?
ऐसा हो नहीं सकता कि इस वार्ड के जनप्रतिनिधि को इस बारे में खबर ना हो या जानकारी ना हो लेकिन अभी इलेक्शन में काफी समय है शायद इलेक्शन आने पर यहां पर भी टाइल बिछा दी जाएगी वैसे भी नगर निगम अच्छी खासी टाइलों को उखाड़ कर वहां पर नई टाइल बिछाता चला आया है तो इस रास्ते की सुध क्यों नहीं ली जा रही। क्यों यह रास्ता निगम की प्रायरिटी लिस्ट में नहीं है नीचे चलकर कुहल के साथ रेलिंग की आवश्यकता है जहां से सैर करने वाले अक्सर निकलते हैं ग्रामीण लोग निकलते हैं वहां पर कुहल के साथ रेलिंग या कुहल के ऊपर जाले बिछाने की आवश्यकता है।
नगर निगम से आग्रह है कि इस रास्ते की दशा को गंभीरता से लिया जाए। यह केवल एक आम रास्ता नहीं, लोगों की यादों से जुड़ा एक पगडंडी है, जो आज भी बहुत से नागरिकों की रोज़ की जरूरत है। इस रास्ते का जीर्णोद्धार न केवल आम लोगों की सुविधा के लिए आवश्यक है, बल्कि यह पंचायत की जिम्मेदारी भी बनती है। नछिर पंचायत के पूर्व प्रधान विजय भट्ट ने बताया कि सन 2022 में उन्होंने इस रास्ते को लोगों के चलने लायक बनाया था इसकी झाड़ियां कटवाई थी तथा जहां पर रिपेयर की जरूरत थी वहां रिपेयर करवाई थी तथा यहां पर सफाई करवाई गई थी उसके बाद किसी ने इस रास्ते की सुध नहीं ली।
क्या नगर निगम इस उपेक्षित रास्ते की सुध लेगी?
अब वक्त आ गया है कि इन सीढ़ियों को फिर से सुरक्षित, साफ-सुथरा और उपयोगी बनाया जाए।
अब वक्त है जागने का।
इन सीढ़ियों की मरम्मत, सफाई और नियमित देखरेख सुनिश्चित की जाए, ताकि यह रास्ता फिर से आम लोगों के लिए सुरक्षित और उपयोगी बन सके।
नीचे दी गयी तस्वीरों से आप क्या यह अनुमान लगा सकते हैं कि यह किसी नगर निगम का रास्ता है और यह कितना स्वच्छ है हालांकि स्वच्छता में नगर निगम को इनाम भी मिल चुका है।