*हिमाचल में स्मार्ट_मीटर के विरोध में लामबंद*


*हिमाचल में स्मार्ट_मीटर के विरोध में लामबंद*

हिमाचल में स्मार्ट_मीटर के विरोध में लामबंद होने लगे लोग, कई शहरों में काम रूका।देशभर में उपजे आक्रोश के बाद हिमाचल की जनता का कड़ा रुख, कहा आपदा में खुल्ले खर्चे कर रही सरकार। देश भर में सरकार द्वारा स्मार्ट मीटर लगाने की मुहिम के खिलाफ देश के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन और आक्रोश जारी है जिसका असर हिमाचल में भी नजर आने लगा है हिमाचल के चम्बा, कांगड़ा, मंडी, हमीरपुर, सिरमौर समेत कई जिलों में जनता इसका विरोध कर रही है साथ ही प्रशासन के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भी सौंप रही है। जनता का कहना है सरकार पुराने मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर क्यों थोपना चाहती है। क्या आम जनता बिजली बिल नहीं देती। जिन लोगों व व्यावसायिक उपभोक्ताओं के बिल बकाया होते हैं उनके लिए विभागीय कार्यवाही एवं बिजली आपूर्ति काटने के सभी विकल्प विद्युत विभाग के पास होते हैं तो फिर हिमाचल की जनता पर ये स्मार्ट मीटर लगाना क्यों जरूरी है। इसके जरिए सरकार महंगी बिजली के साथ साथ, रिचार्ज व्यवस्था, ऑटोमैटिक बिजली कटौती एवं 250 रुपए का रिक्नेक्ट टैक्स थोपना चाहती है। हिमाचल की जनता गरीबी व बेरोजगारी से जूझ रही है। गरीब लोगों को कई – कई दिन तक दिहाड़ी या रोजगार नहीं मिलता जिससे वे कई सप्ताह या महीना बिना फ़ोन रिचार्ज के समय गुजारते हैं। बिजली बिल, कटौती और रिचार्ज जैसी आधुनिक सुविधाएं हिमाचल में संभव नहीं हैं। सरकार को राजस्व बढ़ौतरी के लिए दूसरे विकल्पों पर विचार करना चाहिए। क्योंकि हिमाचल में लंबित बिजली बिलों के मामले आम जनता नहीं बड़े अधिकारियों के अक्सर देखे जाते हैं।
दूसरा सरकार आपदा का रोना दिखावे के लिए रो रही है जबकि खराब आर्थिक स्थिति में भी आधे-आधे करोड़ की गाड़ियां मंत्री व विधायकों को बेशर्मी से खरीदी जा रही हैं ताजा समाचार के अनुसार कई और अधिकारियों ने नई गाड़ियों के लिए मांग कर रखी है। ऐसे हालात में जनता में स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है अगर जल्दी ही इस योजना को रोका नहीं गया तो जनता सड़कों पर भी उतर सकती है। सरकार को स्मार्ट मीटर के बजाय स्मार्ट शिक्षा और स्मार्ट चिकित्सा उपलब्ध करने पर विचार करना चाहिए ….🙏🏻🙏🏻🙏🏻



