पालमपुर में ब्रह्मा कुमारीज द्वारा महाशिवरात्रि पर्व श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न


पालमपुर में ब्रह्मा कुमारीज द्वारा महाशिवरात्रि पर्व श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न

पालमपुर में स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय केंद्र में आज महाशिवरात्रि का पावन पर्व अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक गरिमा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में पालमपुर के लोकप्रिय विधायक आशीष बुटेल जी नगर निगम पालमपुर के मेयर गोपाल नाग जी तथा वार्ड की काउंसलर एवं पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष राधा सूद जी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक आशीष बुटेल द्वारा दीप प्रज्वलन और शिव ध्वज फहराने के साथ हुआ। केंद्र को आकर्षक रूप से सजाया गया था, जहां शिव भजनों और ओम शांति के मधुर संकल्पों से वातावरण पूर्णतः आध्यात्मिक हो उठा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर पुण्य अर्जित किया और प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर केंद्र की अध्यक्ष प्रेम दीदी ने अपने सारगर्भित प्रवचनों से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने महाशिवरात्रि के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह पर्व आत्म जागृति, आत्म शुद्धि और ईश्वर से सीधा संबंध जोड़ने का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि शिव केवल एक देवता नहीं, बल्कि निराकार परमपिता परमात्मा हैं, जो ज्ञान और शांति के सागर हैं। उनके स्मरण से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन संभव है।
विधायक आशीष बुटेल जी ने इस धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने के लिए ब्रह्मा कुमारीज का आभार जताया तथा कहां की विश्व में यह संस्थान शांति और प्रेम का संदेश दे रहे हैं।
मेयर गोपाल नाग ने अपने संबोधन में ब्रह्मा कुमारीज द्वारा समाज में नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आध्यात्मिक आयोजन समाज को एकजुट करने और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
काउंसलर राधा सूद ने भी संस्था के सेवा कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज के भौतिकवादी युग में ब्रह्मा कुमारीज जैसी संस्थाएं लोगों को आंतरिक शांति और जीवन जीने की सही दिशा प्रदान कर रही हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने ध्यान के माध्यम से आत्मिक शांति का अनुभव किया। अंत में सभी को प्रसाद वितरण किया गया और विश्व शांति की कामना के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
महाशिवरात्रि का यह आयोजन पालमपुर में आध्यात्मिक ऊर्जा और सामाजिक समरसता का सुंदर उदाहरण बनकर सामने आया।



