विधुत विभाग के उच्चा अधिकारी यह न समझे कि पालमपुर सत्तावहीन है ओर यहाँ इन्हें पूछने वाला कोई नही!!
BKsood chief editor

विधुत विभाग के उच्चा अधिकारी यह न समझे कि पालमपुर सत्तावहीन है ओर यहाँ इन्हें पूछने वाला कोई नहीं :- यह तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पालमपुर के पूर्व विधायक प्रवीन कुमार ने कहा कि गत पूरी रात पालमपुर का मध्य भाग अंधेरे में डूबा रहा । गहन छानबीन करने पर पता चला कि लम्बे समय से चचियां सव स्टेशन के ओटो – री – क्लोजर उपकरण खराब पडे है। परिणामस्वरूप विधुत लोड अन्य फीडरों पर पडने के कारण कभी यहाँ तो कभी वहाँ की लाईन जल कर टूट रही है। यही कारण है कि बार बार कभी सुबह कभी दिन में तो कभी शाम को विजली के गुल हो जाने के कारण यहाँ की जनता बहुत परेशान है। पूर्व विधायक ने कहा इस सन्दर्भ में बार बार अधिकारियों को अव तो फोन करने की भी शर्म आती है ओर इस तरह इनकी वेशर्मी की भी हद है । पूर्व विधायक ने इन अधिकारियों को स्मरण करवाया है कि इसी ज्वलंत समस्या के दृष्टि गत उन्होंने बतौर विधायक बाकायदा एक निर्धारित समय के भीतर फोरेसट क्लीरियन्स करवा कर एक निर्धारित समय के अन्तराल में ही चचियां के विधुत सव स्टेशन का स्वयं शिलान्यास ओर तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रो प्रेम कुमार धूमिल जी के करकमलों से उदघाटन करवाया था। लेकिन आज इस सव स्टेशन के उपकरण इतने लम्बे से खराब पड़े हैं ओर विभाग इस तरह रात के अंधेरे में डूबी जनता का तमाशा देख रहा है । पूर्व विधायक ने जिम्मेवार अधिकारियों से प्रश्न किया है कि इस तरह विजली की निरन्तर आंख मचोली से इतने वडे राजस्व घाटे , पढने वाले बच्चों , बर्क फ्रोम होम पेशे वाले के साथ इस कथित लापरवाही से जन साधारण को होने वाली विभागीय असुविधा के लिए कोने जिम्मेदार है।
कायदे से देखा जाए तो परवीन शर्मा का यह प्रश्न बिल्कुल सही और ज्वलंत प्रश्न है क्योंकि विद्युत विभाग अपनी मनमानीयों के लिए मशहूर हो चुका है।
यह विभाग सरकार को अधिक से अधिक चूना लगाने के लिए तथा लोगों को परेशान करने के लिए मजहूर हो चुका है क्योंकि हर सोमवार को कट लगाया जाता है जबकि सभी दफ्तर खुले होते हैं तथा लोग दूर-दूर से आकर बिजली न होने के कारण परेशान होते हैं। साथ ही निरंतर कट से लोग बहुत परेशान है विशेष रूप से work-from-home करने वाले युवकों की नौकरी पर बन आई है। क्योंकि प्राइवेट कंपनी बिजली का बहाना सुनने को तैयार नहीं और उनकी नौकरी जाने का खतरा हमेशा उनके सिर पर मंडराता रहता है ।
बिजली कब जाएगी और कब आएगी इसका कोई पूर्वानुमान नहीं है यह विभाग किसी निरंकुश संस्था की तरह कार्य कर रहा है। किसी की नौकरी जाए तो जाए यह अपनी कुर्सी छोड़कर फील्ड में नहीं जाएंगे और ना ही लोगों की समस्या सुनेंगे और ना ही उनका फोन सुनेंगे। पूनम शर्मा का यह प्रश्न बिल्कुल सही है कि वह पालमपुर को सत्ता विहीन ना समझे क्योंकि यहां पर सत्ता का प्रशासन कोई भी डर या भय नहीं है और ना ही लोगों की परेशानी से उन्हें कोई लेना देना है।
इसके साथ ही बच्चों के स्कूल बन्द होने के कारण ऑनलाइन क्लासेज लग रही हैं परंतु विद्युत विभाग का इससे कोई लेना-देना नहीं और पालमपुर में यह कहावत मशहूर हो चुकी है कि अगर कोई इंसान जोर से छींक मार दे या जोर से खांसी कर दे तो बिजली गुल हो जाती है और जोर से खांसी करने पर भी बिजली शर्मा कर चली जाती है क्योंकिपालमपुर यह बिजली बहुत शर्मीली है।