*मध्यप्रदेश_कांग्रेस_का_वचन_पत्र_मतदाताओं_को_रिझाने_के_लिए_मुफ्तवाद_का_सहारा:- लेखक महेंद्र नाथ सोफत पूर्व मंत्री हिमाचल प्रदेश*


19 अक्तूबर 2023- (#मध्यप्रदेश_कांग्रेस_का_वचन_पत्र_मतदाताओं_को_रिझाने_के_लिए_मुफ्तवाद_का_सहारा)–

एक बार फिर कांग्रेस मध्य प्रदेश मे मतदाताओं को मुफ्तवाद के सहारे अपने पक्ष मे करने का प्रयास करेगी। हिमाचल मे दस गारंटियाँ और मध्यप्रदेश मे वचन पत्र लगभग कापी पेस्ट है। जब आप पर वायदे पूरे करने की कानूनी बाध्यता नहीं है तो खूब वायदे करो, वोट लो सरकार बनाओ फिर हिमाचल की तर्ज पर भाजपा ने खजाना खाली छोड़ा है का रोना रो दो। मध्यप्रदेश सरकार के मुख्य वायदे है:-
(1) ओ.पी.एस लागू होगी
(2) किसान को दो लाख ऋण सुविधा
(3) हर मास 1500 रूपए से 2000 रूपए बेरोजगारी भत्ता
(4) महिलाओं को 1500 रूपए मासिक भत्ता
(5) 100 यूनिट मुफ़्त बिजली और 200 यूनिट हाफ रेट पर बिजली
(6) 27% ओ बी सी को आरक्षण
(7) 500 रूपए से 1500 रूपए छात्रों को वजीफा
(8) 25 लाख का स्वस्थ बीमा और 10 लाख का दुर्घटना बीमा
(9) दो रूपए किलो गोबर खरीदेगी सरकार
(10) एल पी जी सिलेंडर 500 रूपए का देने का वायदा।
जनता को यह सब मिले किसी को क्या ऐतराज हो सकता है, लेकिन यदि हिमाचल मे कांग्रेस द्वारा किए गए वायदे और सरकार बनने के उन्हे पूरा करने मे तत्परता की विवेचनात्मक समीक्षा की जाए तो समझ आएगा राजनैतिक दल वायदे तोड़ने के लिए ही वायदे करते है। वायदे पूरे करने मे किसी दल को पास नहीं किया जा सकता है। मेरे विचार मे ऐसा कानूनी प्रावधान होना चाहिए कि राजनैतिक दल अपने वचन पत्र या घोषणा पत्र के साथ शपथ पत्र दाखिल करें। चुनाव आयोग के पास यह अधिकार होना चाहिए कि 5 वर्ष मे यदि पार्टी अपने वायदे पूरे नहीं करती तो आयोग उसकी रजिस्ट्रेशन ख़ारिज कर दे। मतदाताओं के पास भी वायदा खिलाफी का मुकदमा करने का अधिकार होना चाहिए। कांग्रेस को मध्यप्रदेश मे यह वायदा भी करना चाहिए कि सत्तारूढ होने पर हम हिमाचल सरकार की तर्ज पर भाजपा ख़ज़ाना खाली छोड़कर गई है का रोना नही रोएंगे। मध्यप्रदेश के मतदाताओं को भी इन वायदों पर विश्वास करने से हिमाचल मे कांग्रेस के वायदों को पूरा करने के रिकॉर्ड को जरूर खंगाल लेना चाहिए। #आज_इतना_ही।