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*पालमपुर में स्मार्ट मीटर थोपने पर बवाल बिना सहमति घरों में घुसकर लगाए जा रहे मीटर, जनता में भारी रोष*

 

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पालमपुर में स्मार्ट मीटर थोपने पर बवाल
बिना सहमति घरों में घुसकर लगाए जा रहे मीटर, जनता में भारी रोष

Tct ,bksood, chief editor

पालमपुर। इलेक्ट्रिकल डिविजन पालमपुर द्वारा स्मार्ट मीटर लगाने के तरीके को लेकर लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। इन दिनों स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य तेज़ी से किया जा रहा है, लेकिन आरोप है कि उपभोक्ताओं की मर्जी, सहमति और विरोध की अनदेखी कर जबरन मीटर चिपकाए जा रहे हैं।
हाल ही में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां बिजली उपभोक्ता अनूप सूद (रिटायर्ड एसडीओ, पीडब्ल्यूडी) के घर पर उनकी अनुपस्थिति में बिना अनुमति गेट खोलकर स्मार्ट मीटर लगा दिया गया। बताया जा रहा है कि अनूप सूद पिछले दो महीनों से घर से बाहर थे और घर में कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं था।
सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि बिना मालिक की इजाजत किसी के घर में प्रवेश करना क्या कानूनी और नैतिक रूप से सही है? इस मामले में जब बिजली विभाग से संपर्क किया गया तो विभाग ने भी माना कि किसी उपभोक्ता की अनुपस्थिति में इस तरह की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए थी।
मामले को और गंभीर बनाता है यह तथ्य कि रेजिडेंशियल भवन होने के बावजूद वहां कमर्शियल मीटर लगा दिया गया, जिससे उपभोक्ता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

स्मार्ट मीटर को लेकर जनता की चिंता सिर्फ मीटर बदलने तक सीमित नहीं है। लोगों का कहना है कि बड़ी संख्या में ऐसे उपभोक्ता हैं जो अनपढ़ हैं या तकनीक से पूरी तरह अनभिज्ञ हैं, जिनके पास न स्मार्टफोन है और न ही मोबाइल ऐप चलाने की समझ। कई लोग सिर्फ फोन सुनने और कॉल करने तक ही सीमित हैं। ऐसे में उन्हें बिल की जानकारी कैसे मिलेगी?
यह भी स्पष्ट नहीं है कि बिल का मैसेज अंग्रेज़ी में आएगा या हिंदी में, और जो लोग न हिंदी पढ़ सकते हैं, न अंग्रेज़ी, वे अपनी बिलिंग की जानकारी आखिर कैसे समझ पाएंगे—यह एक गंभीर और अनुत्तरित सवाल बना हुआ है।

इसके अलावा लोगों में यह डर भी है कि बिल समय पर न भरने की स्थिति में रात 12 बजे भी बिजली काटी जा सकती है, जिससे बुजुर्गों, बीमारों और आम परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
कई उपभोक्ताओं का साफ कहना है कि यदि मीटर बदले ही जा रहे हैं, तो बिलिंग प्रणाली पुरानी ही रखी जाए, ताकि पहले की तरह उपभोक्ताओं को बिल की सूचना मिले और 10–15 दिन का भुगतान समय उपलब्ध हो, जैसा कि पहले होता था।

अब लोग एकजुट होकर शासन से मांग कर रहे हैं कि इस पूरे मामले पर तुरंत संज्ञान लिया जाए और बिजली विभाग को सख्त निर्देश जारी किए जाएं कि
उपभोक्ता की स्पष्ट सहमति के बिना न तो स्मार्ट मीटर लगाया जाए और न ही किसी के घर में जबरन प्रवेश किया जाए।
पालमपुर में स्मार्ट मीटर के नाम पर हो रही यह कथित मनमानी अब जनआक्रोश का रूप ले चुकी है, और यदि समय रहते समाधान नहीं किया गया तो यह विरोध और तेज़ हो सकता है।

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