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पालमपुर में नगर निगम और विद्युत विभाग का कमाल, पेड़ों पर लटके बिजली के मीटर

पालमपुर में नगर निगम और विद्युत विभाग का जानलेवा खेल, सरेआम जान को डाला जा रहा खतरे में उड़ाई जा रहीं कानून की धज्जियां

आप इन चित्रों को देखकर यह अंदाजा लगा रहे होंगे कि यहां पर किसी पक्षी के लिए किसी ने कोई दाना डालने के लिए स्थान बनाया है या किसी पक्षी के लिए पानी का इंतजाम किया है परंतु ऐसा नहीं है यह है बिजली का मीटर जिसे हर बड़े पेड़ के साथ लगाया लटकाया गया है तथा जो ना केवल गैर कानूनी है बल्कि किसी की जान के लिए खतरा भी बन सकता है लेकिन शासन प्रशासन अधिकारी और कर्मचारी के स्वाद से कोई फर्क नहीं पड़ता किसी की जान जाए तो जाए बाद में फाइलें भरकर खानापूर्ति कर दी जाएगी कि यह उस व्यक्ति की गलती थी कि उसने वहां पर जाकर मीटर क्यों छुआ या फिर कोई और कारण बता दिया जाएगा जिससे बाद में फाइल बंद हो जाएगी लेकिन किसी के परिवार का चिराग हमेशा के लिए बुझ सकता है।

लगता है यह है मीटर किसी दबाव में या किसी प्रभाव में आकर लगाया गया है वरना बिजली विभाग किसी भी मीटर पर लगाने से पहले 100 प्रकार की फॉर्मेलिटी देखता है तथा यह देखता है कि उसके पास सभी प्रकार की अनापत्ति प्रमाण पत्र हैं तथा उसने जो हर बनाया है वह पूर्ण रुप से सही है उसमें अर्थिंग की गई है उसकी वायरिंग ठीक है या नही।

विश्वस्त सूत्रों से पता चला है कि यह मीटर लघु पिछले 9 महीने से यहीं पर लगाया गया है तथा यह किसी भी इंसान या जानवर के लिए जानलेवा सिद्ध हो सकता है।

ऐसा आरोप लोग इसलिये लगा रहे हैं क्योंकि इस  प्रकरण की शिकायत निगम को बहुत पहले की जा चुकी है लेकिन नगर निगम के अधिकारियों/कर्मचारियों ने कानून को ताक पर रख दिया और इस गैरकानूनी खेल को चलते रहने दिया। करंट लगने से किसी निर्दोष की जान जाती है तो जाए नगर निगम या बिजली विभाग को इससे क्या लेना-देना।

ऐसा भी सुनने में आ रहा है कि इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री के कार्यालय तक पहुंचा दी गई है परंतु शायद यहां का स्थानीय प्रशासन तभी कोई संज्ञान लेगा जब मुख्यमंत्री जी इस विषय पर कुछ बोलेंगे और यहां के शासन प्रशासन का कोई जिम्मेवारी इसमें है ऐसा लगता नहीं

यह बिजली का मीटर है जनाब जो हरे-भरे वृक्ष पर लगाया है विद्युत विभाग पालमपुर ने, वार्ड नं 5 में, एक लाभार्थी के ओब्लाइज करने के लिए।

इस अनुचित कार्य में विभाग के कितने कर्मचारी और अधिकारी दोषी हैं, इसका उत्तर संबंधित विभाग ही दे सकता है।

ध्यान रहे, यह खतरनाक, जानलेवा, गैरकानूनी नंगा खेल यहां पिछले करीब 9 महीने से चल रहा है लेकिन सब कुम्भकर्णी नींद में सोए हुए हैं।

इतना ही नहीं, इस जानलेवा खेल में नगर निगम पालमपुर भी पूरी तरह से संलिप्त नज़र आता है।

ऐसा आरोप लोग इसलिये लगा रहे हैं क्योंकि इस काण्ड की शिकायत निगम को बहुत पहले की जा चुकी है लेकिन नगर निगम के अधिकारियों/कर्मचारियों ने कानून को ताक पर रख दिया और इस गैरकानूनी खेल को चलते रहने दिया। करंट लगने से किसी निर्दोष की जान जाती है तो जाए नगर निगम या बिजली विभाग का कोई लेना देना नहीं होगा

इस समाचार के वायरल होने के बाद किस-किस की कुम्भकर्णी नींद टूटती है और मुख्यमंत्री को अकारण बदनाम करने वाले अधिकारियों का भंडाफोड़ होता है क्योंकि गैरकानूनी काम कर्मचारी और अधिकारी करते हैं लेकिन जनता में सरकार के विरुद्ध गलत संदेश जाता है।

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