काशी विश्वनाथ का नया स्वरूप विश्व के लिए आकर्षण का केंद्र
तिलक वालिया टीसीटी

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री के काशी प्रवास के बारे में जो टिपण्णी की है वह लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है । हमारे राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं वैचारिक मतभेद हो सकते हैं लेकिन जहां जनता का भला हो लोकतंत्र के पक्ष में भी कार्य हो रहा हूं तो अगर हम उसके सराहना ना कर सके तो आलोचना भी नहीं करनी चाहिए।
इस में कोई दो राय नहीं के बाबा विश्वनाथ धाम का जो जीर्णोद्धार 33 महीनों में किया गया वो दृढ़ इच्छा शक्ति को दर्शाता है । काशी सनातन धर्म की आस्था का केंद्र ही नही अपितु यह इस की विरासत और भव्यता का भी प्रतीक है । आज सारे विश्व में काशी का नाम लिया जा रहा है और यह विश्व के अत्यंत प्रिय दर्शनीय स्थल के रूप भी पहचान बना रहा है ।काशी ना केवल हजारों लोगों को रोजगार का अवसर भी प्रदान करेगा बल्कि विश्व के मानचित्र पर भारत का नाम रोशन करेगा क्योंकि जितना कार्य इस पुरातन शहर व हिंदुओं के आस्था केंद्र को नवीनतम सूरत देने में किया गया है शायद ही कहीं और किया गया होगा । सबसे बड़ी बात यह है कि इसे नवीन शक्ल प्रदान करते हुए इसके पुरातन अस्तित्व को कायम रखने की हर कोशिश की गई है ताकि यह नवीन और पुरातन का समावेश होकर एक आदर्श विश्व दर्शनीय स्थल बन सके ।काशी का विकास विश्व स्तरीय मानदंडों पर खरा उतरता है ।
काशी का नया स्वरूप यूपी के विकास तथा लोगों के विश्वास में एक मील पत्थर साबित होगा।