#CskHpkv:*नए कुलपति से पेंशनर्स को बड़ी उम्मीदें, गेट नंबर-1 खोलने और चिकित्सक नियुक्ति की उठी मांग*
"बंद गेट बढ़ा रहा दूरी, खाली स्वास्थ्य केंद्र बढ़ा रहा चिंता — पेंशनर्स ने नए कुलपति से लगाई उम्मीदें"

नए कुलपति से पेंशनर्स को बड़ी उम्मीदें, गेट नंबर-1 खोलने और चिकित्सक नियुक्ति की उठी मांग

पालमपुर। चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर में नव नियुक्त कुलपति डॉ. आर. डी. नज़ीम (आईएएस) के कार्यभार संभालने के साथ ही विश्वविद्यालय के पेंशनर्स और वरिष्ठ नागरिकों में नई उम्मीद जगी है। प्रशासनिक अनुभव और जनहितकारी सोच के लिए पहचाने जाने वाले कुलपति से पेंशनर्स ने अपनी दो प्रमुख मांगों पर तत्काल ध्यान देने की अपील की है।
पेंशनर्स का कहना है कि विश्वविद्यालय का गेट नंबर-1 लंबे समय से बंद रखा गया है, जिसके कारण विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों तथा स्वास्थ्य केंद्र आने वाले लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गेट बंद होने के कारण लोगों को लगभग एक किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय, श्रम और ईंधन तीनों की अनावश्यक बर्बादी हो रही है।
पेंशनर्स का कहना है कि एक ओर भारत सरकार और प्रधानमंत्री लगातार ईंधन बचाने, ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने तथा पेट्रोलियम उत्पादों पर निर्भरता कम करने का आह्वान कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय में एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार बंद होने के कारण प्रतिदिन सैकड़ों वाहन अतिरिक्त दूरी तय करने को मजबूर हैं। उनका मानना है कि इससे न केवल पेट्रोल और डीजल की अनावश्यक खपत बढ़ रही है बल्कि देश की बहुमूल्य विदेशी मुद्रा पर भी अप्रत्यक्ष रूप से अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। पेंशनर्स ने कहा कि गेट नंबर-1 को पुनः खोलना केवल सुविधा का विषय नहीं बल्कि संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और पर्यावरण संरक्षण से भी जुड़ा हुआ मुद्दा है।
दूसरा और अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दा विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक की अनुपलब्धता का है। पेंशनर्स के अनुसार मेडिकल अधिकारी के सेवानिवृत्त होने के लगभग तीन महीने बाद भी नए डॉक्टर की नियुक्ति नहीं हो पाई है। इसके कारण मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग तथा अन्य दीर्घकालिक बीमारियों से जूझ रहे पेंशनर्स को विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
वरिष्ठ पेंशनर्स नागरिकों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी संस्थान की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता होती हैं और विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में डॉक्टर का पद लंबे समय तक रिक्त रहना चिंता का विषय है। उन्होंने कुलपति से आग्रह किया है कि स्थायी नियुक्ति अथवा प्रतिनियुक्ति के माध्यम से स्वास्थ्य केंद्र में शीघ्र चिकित्सक उपलब्ध करवाया जाए ताकि कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनके परिवारों को राहत मिल सके।
पेंशनर्स ने विश्वास व्यक्त किया है कि प्रशासनिक दक्षता और संवेदनशील कार्यशैली के लिए जाने जाने वाले कुलपति डॉ. आर. डी. नज़ीम इन दोनों जनहित के मुद्दों—गेट नंबर-1 को पुनः खोलने तथा स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक की शीघ्र नियुक्ति—को प्राथमिकता देते हुए त्वरित निर्णय लेंगे। उनका मानना है कि इन दोनों कदमों से हजारों कर्मचारियों, पेंशनर्स और विश्वविद्यालय से जुड़े परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा तथा संस्थान की जनकल्याणकारी छवि भी और मजबूत होगी।
बी के सूद
ट्राई सिटी टाइम्स

