आईटीआई में परीक्षा केंद्रों के, दूर होने पर विद्यार्थियों में रोष
Anil Sood executive editor

हिमाचल प्रदेश में आजकल ITI की परीक्षाएं चल रही हैं। इन परीक्षाओं का आयोजन प्राइवेट एग्जामिनेशन सेंटर में किया जा रहा है ,जिससे कोविड काल में ITI के बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है ,तथा साथ में बच्चों को 20 से लेकर 40 किलोमीटर तक का सफर तय करना पड़ रहा है ।
एक तरफ तो सरकार कोविड नियमों के तहत लोगों को सलाह दे रही है कि कम से कम बाहर निकले तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन करें, लेकिन ITI के बच्चों को ना जाने किन कारणों से इतनी दूर एग्जामिनेशन सेंटर्स में भेजा जा रहा है। जबकि कुछ ITIs इन बच्चों के परीक्षा लेने की पूरी सुविधा है। जिन ITI में परीक्षा में हो सकती थी वहां पर परीक्षाएं क्यों नहीं ले जा रही? और क्यों बच्चों को दूसरे परीक्षा केंद्रों में जाने के लिए मजबूर किया जा रहा है ?जिससे एक तो बच्चों का समय बर्बाद हो रहा है पैसे बर्बाद हो रहे हैं तथा साथ ही कोविड के नियमों की अवहेलना भी निश्चित रूप से होगी ,क्योंकि बच्चे अगर 40 किलोमीटर बसों में सफर करेंगे तो कोविड नियमों का कैसे पालन होगा?
सरकार को चाहिए कि जिन ITI में जो परीक्षाएं जिस भी विषय की परीक्षा हो सकती है वह उसी आईटीआई मे करवाई जाये।
अभिभावकों का भी कहना है कि ITI में अक्सर गरीब माता पिता के बच्चे पढ़ते हैं और उन्हें परीक्षा केंद्रों में जाने के लिए किराया देना पड़ रहा है जिससे उनको माली नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
उम्मीद है सरकार इस विषय पर शीघ्र ही कोई फैसला लेगी और बच्चों को परेशानी तथा वित्तीय परेशानियों से बचाएगी और साथ ही बीमारी फैलने से भी इसमें कुछ सहायता मिलेगी।
स्पष्टीकरण
आपके माध्यम से प्राप्त प्रेस विज्ञप्ति के संदर्भ में सादर सूचित किया जाता है कि ITI के पाठ्यक्रम के अनुसार प्रत्येक व्यवसाय में 4-5 विभिन्न विषयों की वार्षिक परीक्षाओं का संचालन किया जाता है जिसमें Non-Engineering व्यवसायों के लिए Trade Theory, Trade Practical, Workshop Calculations & Science, Employability Skills, तथा Engineering व्यवसायों के लिए उपरोक्त के अतिरिक्त Engineering Drawing शामिल हैं।
महोदय उपरोक्त में से Engineering Drawing तथा Trade Practical विषयों की परीक्षा हर वर्ष की तरह प्रत्येक संस्थान में ही self-center के तौर पर संचालित करवाई जा रही है। परन्तु भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय के द्वारा नवम्बर 2019 से शेष विषयों की परीक्षा का आधुनिकीकरण करते हुए Computer Based Test(CBT) के रूप में संचालन किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि सभी परीक्षाओं का संचालन भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय के प्रशिक्षण महानिदेशालय(DGT) द्वारा केंद्रीकृत नियंत्रण प्रणाली पर करवाया जाता है।
वर्तमान परीक्षा सत्र के सुचारू संचालन हेतु DGT द्वारा देश व्यापी विभिन्न CBT परीक्षाएं संचालित करवाने वाली कम्पनी NSEIT को चयनित किया गया है जिसके अपने कई परीक्षा केंद्र प्रदेश भर में मौजूद हैं। प्रदेश के ऐसे क्षेत्र जहां पर NSEIT के परीक्षा केंद्र उपलब्ध नहीं हैं वहां पर राजकीय ITI को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। परीक्षा केंद्रों के चयन हेतु हि० प्र० तकनीकी शिक्षा बोर्ड द्वारा प्रस्तावित केंद्रों की सूची DGT को भेजी जाती है जिसमें अंतिम निर्णय DGT द्वारा लिया जाता है। वर्तमान में CBT परीक्षा हेतु 22 राजकीय ITI सहित कुल 32 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। क्योंकि NSEIT के प्रत्येक परीक्षा केंद्र की क्षमता उसके आसपास स्थित ITI से कहीं अधिक है तथा DGT द्वारा एक समय पर सीमित परीक्षा केंद्रों पर ही परीक्षा करवाना सम्भव है, इसलिए NSEIT परीक्षा केंद्र के आसपास स्थित किसी भी ITI को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया है।
महोदय Covid-19 महामारी के चलते गत 2 वर्षों में परीक्षाएं प्रभावित हुई हैं जिस कारण प्रशिक्षुओं को रोजगार सम्बन्धी सम्भावनाओं की तलाश में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। यदि वर्तमान परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव का प्रस्ताव DGT को प्रेषित किया जाता है तो सम्भव है कि परीक्षाएं फरवरी-मार्च तक लम्बित हो जाएं। परिणामस्वरूप result एवम उसके उपरांत सरकारी क्षेत्र में निकल रहे रोज़गार के अवसरों से छात्रों को वंचित रहना पड़ सकता है।
उल्लेखनीय है कि सुंदरनगर स्थित निदेशालय तकनीकी शिक्षा, औद्योगिक एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण हि० प्र० द्वारा प्रदेश की कई ITI में Internet सहित पर्याप्त IT infrastructure क्रमबद्ध तरीके से upgrade करवाया जा रहा है जिससे भविष्य में परीक्षा केंद्रों की दूरी को और कम किया जा सके।