*डॉ. जीसी नेगी पशु चिकित्सा एवम पशु विज्ञान महाविद्यालय में शपथ ग्रहण समारोह उद्यमिता अपनाएं पशु चिकित्सक : डॉ. डी.वी.आर.प्रकाश राव पशुपालकों और समाज की पूरे समर्पण के साथ सेवा करें : कुलपति हरिन्दर चौधरी*



3 जनवरी 2023
डॉ. जीसी नेगी पशु चिकित्सा एवम पशु विज्ञान महाविद्यालय में शपथ ग्रहण समारोह
उद्यमिता अपनाएं पशु चिकित्सक : डॉ. डी.वी.आर.प्रकाश राव
पशुपालकों और समाज की पूरे समर्पण के साथ सेवा करें : कुलपति चौधरी
पालमपुर 3 जनवरी। चौसकु हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय में मंगलवार को पशु चिकित्सा स्नातक उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों के लिए शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया।
राष्ट्रीय पशु चिकित्सा विज्ञान अकादमी के अध्यक्ष डाक्टर डी बी आर प्रकाश राव ने कहा कि ज्ञान की कोई सीमा नहीं होती। उन्होंने पशु चिकित्सकों से कहा कि वे नौकरी की तलाश न करें, बल्कि उद्यमी बनें। डॉ. राव ने कहा कि पशुपालन क्षेत्र तेजी से बढ़ता क्षेत्र है और तकनीकी हस्तक्षेप भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि पशु प्रोटीन की देश में भारी मांग है और इससे जुड़े उद्योग बड़ी संख्या में रोजगार प्रदान कर रहे हैं। मुख्य अतिथि ने पशु चिकित्सकों से भविष्य की जरूरतों को पूरा करने और उद्यम शुरू करने के लिए कहा क्योंकि पूंजी आसानी से उपलब्ध हैं। उन्होंने उद्यमों, स्टार्टअप और पशुपालन आधारित उद्योगों के बारे में विस्तृत जानकारी को प्रदान किया।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति प्रो. एच.के. चौधरी ने नव स्नातकों को बधाई देते हुए कहा कि वे पशुपालकों और समाज की पूरे समर्पण के साथ सेवा करें। उन्होंने कहा कि चूंकि जानवर बोल नहीं सकते इसलिए उन्हें बहुत देखभाल और करुणा की आवश्यकता होती है। कुलपति ने कहा कि पशुधन रखने वालों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और अप्रशिक्षित व्यक्तियों द्वारा कृत्रिम गर्भाधान ने उनकी समस्याओं को और बढ़ा दिया है। कुलपति ने कहा, “सड़कों पर छोड़े गए मवेशियों को लेकर पेशेवर शपथ लेने वालों को आत्मनिरीक्षण करने की जरूरत है।” उन्होंने सभी संबंधितों को गायों को ‘मां’ का उचित दर्जा देने को कहा। प्रो. चौधरी ने उद्यमिता, संतुलित पोषण और मवेशियों, भेड़, बकरी आदि के समय पर टीकाकरण जैसे मुद्दों पर चर्चा की। कुलपति ने पशु चिकित्सकों से पारंपरिक ज्ञान और प्रणाली को भी समझने को कहा।
मुख्य अतिथि और कुलपति ने नव-स्नातकों को इंटर्नशिप पूर्णता प्रमाण पत्र वितरित किए। उन्होंने लंपी स्किन बीमारी (ढेलेदार त्वचा रोग )पर हिंदी में एक मार्गदर्शिका सहित 7 मैनुअल और ब्रोशर भी जारी किए।
डॉ. जी.सी. नेगी पशु चिकित्सा एवम पशु विज्ञान महाविद्यालय के डीन डाक्टर मनदीप शर्मा ने बताया कि 1986 में कॉलेज की स्थापना के बाद से अब तक 990 स्नातक पास आउट हो चुके हैं। उन्होंने अपने महाविद्यालय की प्रमुख उपलब्धियों के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि पशु रोग जांच प्रयोगशाला और पशुधन फार्म कॉलेज की महत्वपूर्ण शाखाएं हैं। उन्होंने नव-स्नातकों को पेशेवर शपथ दिलाई।
इंटर्नशिप प्रभारी डॉ. पंकज सूद ने बताया कि 23 लड़कियों सहित 41 स्नातकों ने बीवीएससी और एएच डिग्री प्रोग्राम सफलतापूर्वक पूरा किया है.
डॉ आर कुमार ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया।
नव-स्नातकों के माता-पिता के अलावा, सभी संविधिक अधिकारी और वैज्ञानिक समारोह में शामिल हुए।