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*🙏अपील :पपरोला निवासी संकटग्रस्त सूद परिवार की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाएं🙏*

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पपरोला निवासी संकटग्रस्त सूद परिवार की मदद के लिए  हाथ आगे बढ़ाएं।🙏

पपरोला के खूह बाजार के निवासी श्री देवेंद्र सूद 26 जनवरी से लेकर आज तक जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं ।श्रीमती ममता सूद जो देवेंद्र की पत्नी हैं ने बताया कि उनके पति का जनवरी 26 को 2023 उनकी दुकान के बाहर ही एक्सीडेंट हो गया ।कोई बाइक वाला उन्हें टक्कर मार गया और उनके सिर में गंभीर चोट आ गई जिसकी वजह से उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। क्योंकि नजदीक का एक ही हॉस्पिटल है विवेकानंद मेडिकल ट्रस्ट हॉस्पिटल पालमपुर जिसमें कि उनके 3 सिर के ऑपरेशन और दो पैर के ऑपरेशन हो चुके हैं।
उनका लाखों का खर्चा हो चुका है परंतु उनकी हालत अभी भी अस्थिर बनी हुई है ।इलाज से कोई विशेष फर्क नहीं पड़ रहा है जबकि लाखों रुपया इलाज पर खर्च हो चुका है ।उनके घर की आर्थिक हालत बहुत खस्ता हो चुकी है। आर्थिक तंगी के कारण इलाज में बाधा आ रही है तथा बिज़नस भी ठप हो गया है ।क्योंकि वह एक छोटी सी किराना की दुकान करते थे लेकिन बीमार होने के बाद उन्हें हॉस्पिटलों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं जिसकी वजह से उनका बिजनेस लगभग समाप्ति के कगार पर है। ना तो उन्हें कोई सरकारी सहायता मिल रही है और ना ही उनके पास अपनी बचत और सेविंग से कुछ बचा है। जो भी संसाधन थे वह इस बीमारी पर लगा चुकी हैं तथा ममता अपने पति को बचाने की हर संभव कोशिश कर रही हैं। ममता स्वयं कभी दुकान पर बैठती हैं और कभी हॉस्पिटल के चक्कर लगाती हैं पति के सेवा करती हैं परंतु इतना खर्च करने के बावजूद भी अगर उन्हें उनके पति के स्वास्थ्य का लाभ मिल जाता तो शायद उन्हें इतना दुख ना होता। रिश्तेदारों ने और कुछ दोस्तों ने मदद की है लेकिन वह ऊंट के मुंह में जीरा के बराबर है ।वह हर तरह से हताश और निराश हो चुकी हैं ,तथा उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि वह अपने जीवन को आगे कैसे चलाएं।
जब तक उनके पति स्वस्थ थे वे लोग बहुत खुशहाल परिवार से था लोगों की यथासंभव मदद भी करते रहते थे ।
आज वह स्वयं के लिए मजबूर हैं उन्होंने एक न्यूज़ चैनल के जरिए शांता कुमार जी से अपील की है कि कम से कम उनके इलाज का खर्चा तो माफ किया जाए ताकि वह आर्थिक तंगी से राहत पा सके। 26 जनवरी के उस अभागे दिन के बाद आज तक वे हॉस्पिटल से लगातार चक्कर लगा रहे हैं अभी एक हफ्ता पहले ही उन्हें फिर से इंफेक्शन ने जकड़ लिया जिससे वह अब आईसीयू में भर्ती हैं । आईसीयू का और दवाइयों का हर रोज का खर्चा 25000 से ₹30000 आ रहा है। आज उन्हें शायद आईसीयू से छुट्टी मिलेगी और वह घर आएंगे ममता जी ने बताया कि उस दिन 26 जनवरी को छुट्टी होने के कारण वह किसी सरकारी हॉस्पिटल में नहीं जा सके और इमरजेंसी में उन्हें विवेकानंद जाना पड़ा वहां पर उनकी सारे टेस्ट किए गए सीटी स्कैन अल्ट्रासाउंड जो भी कुछ संभव था वह किया गया ।बाद में सेकंड ओपिनियन लेने के लिए उन्होंने वह सारी रिपोर्ट्स मेदांता हॉस्पिटल में ऑनलाइन दिखाई मेदांता हॉस्पिटल वालों ने कहा कि अब इनकी रिकवरी में समय लगेगा क्योंकि इनके बचने के चांस बहुत कम थे लेकिन अब यह रिकवर तो हो जाएंगे लेकिन समय लगेगा।
देवेंद्र सूद और ममता सूद एक मिडिल क्लास फैमिली से संबंध रखते हैं ।उन्होंने बच्चों को पढ़ाया उनकी शादियां की एक छोटा सा मकान बनाया किराने की दुकान थी सब कुछ लगभग ठीक चल रहा था लेकिन 26 जनवरी को सुबह 8:30 बजे सब कुछ बदल गया और यह परिवार पूरी तरह से बीमारी में जकड़ गया आर्थिक तंगी और परेशानियों के आगोश में फंस गया ।यदि कोई व्यक्ति संस्था इनकी मदद करना चाहे तो वह अवश्य करें । 
सूद सभा पालमपुर के संरक्षक मुकेश सूद और अजीत बाघला ने बताया की सूद सभा पालमपुर ने भी इनकी मदद करने का निर्णय किया है और सभा से जो कुछ भी बन पाएगा वह सूद सभा पालमपुर अवश्य करेंगी। ट्राइसिटी टाइम्स भी अपनी तरफ से अपील करता है कि इस परिवार के अवश्य आर्थिक सहायता की जाए। क्योंकि इनका ₹1000 प्रतिदिन के हिसाब से तो अटेंडेंट ही ले रहा है ऊपर से दवाइयों तथा हॉस्पिटल का खर्चा अलग से

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