*(नेस्ट मैन).लेखक:-विनोद वत्स*



नेस्ट मैन जिन्होंने 12 लाख घोसले बनाये हैं चिड़ियों के लिये जिसके लिये इन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिल चुका हैं राकेश खत्री
(नेस्ट मैन).
तिनके सपने जोड़ कर तूने बनाया घोसला।
देखकर मेहनत तेरी जग में जागा हौसला।
मुश्किलें कठिनाइया तंज और फिकराकसी।लोगो ने इतना सुनाया फिर भी न हिम्मत घटी।
जीत उस दिन हुई जिस दिन बना था घोसला।
देख कर मेहनत तेरी जग में जागा हौसला।
तिनके सपने जोड़ कर तूने बनाया घोसला।
आज तक बारह लाख घोसले तू बना चुका ।
आज तेरे सामने अम्बर भी आकर झुका ।
नेस्ट मैन बन के भी नही किया कोई चोचला।
देख कर मेहनत तेरी जग में जागा हौसला।
तिनके सपने जोड़ कर तूने बनाया घोसला।
सपने देखो बच्चों मेरे सपने ही सच होते है ।
दिल मे चाहत हो पंछी भी घर बना लेते है।
इतनी मेहनत करके भी करता नही ढकोसला।
देख कर मेहनत तेरी जग में जागा हौसला।
तिनके सपने जोड़ कर तूने बनाया घोसला।
नेचर ने तुमको बनाया तुम बचाओ नेचर को।
छोड़ कर कंक्रीट जंगल तुम सजाओ नेचर को।
बस बनाओ बस बनाओ हौसलों का घोंसला।
देख कर मेहनत तेरी जग में जागा हौसला।
तिनके सपने जोड़ कर तूने बनाया घोसला।
काम जो तुम कर रहे वो काम नही इबादत है।
दे रहे हो घर बनाकर ये प्रभु की चाहत है।
आज से तुमको कहेंगे घोसलों का खोसला।
देख कर मेहनत तेरी जग में जागा हौसला।
तिनके सपने जोड़ कर तूने बनाया घोसला।

विनोद शर्मा वत्स