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*के. जी. बुटेल : संपन्नता के साथ सादगी और सेवा की मिसाल!*

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के. जी. बुटेल : संपन्नता के साथ सादगी और सेवा की मिसाल!

Bksood chief editor TCT

संपादकीय | बी.के. सूद | TRICITY TIMES

किसी व्यक्ति की पहचान केवल इस बात से नहीं होती कि उसने जीवन में कितना कमाया, कितने पद संभाले या कितनी संस्थाओं से उसका नाम जुड़ा रहा। असली पहचान तो इस बात से बनती है कि वह अपनी सफलता के बाद भी लोगों के बीच कितना सहज रहता है, दूसरों के सुख-दुख को कितना महसूस करता है और जरूरत के समय किसी के कितने काम आता है। पालमपुर के सार्वजनिक जीवन में के. जी. बुटेल का व्यक्तित्व इसी दृष्टि से देखने पर कहीं अधिक व्यापक नजर आता है। वे आर्थिक रूप से साधन-संपन्न और समाज में प्रतिष्ठित हैं, लेकिन उनकी सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि संपन्नता ने उनके व्यवहार में वह दूरी पैदा नहीं की जो अक्सर सुविधा और प्रतिष्ठा के साथ दिखाई देने लगती है। वे सहज हैं, मिलनसार हैं और लोगों को साथ लेकर चलने में विश्वास रखते हैं।
कांगड़ा की चाय से उनका पुराना और गहरा संबंध रहा है। एक Tea Planter के रूप में उन्होंने चाय को केवल व्यवसाय के रूप में नहीं देखा, बल्कि कांगड़ा की पहचान से जुड़े इस क्षेत्र की समस्याओं और संभावनाओं से भी जुड़े रहे। चाय उत्पादकों से जुड़े संगठनों में नेतृत्व की भूमिका निभाना इसी जुड़ाव का हिस्सा रहा। लेकिन बुटेल की कहानी चाय के बागानों तक सीमित नहीं रही। उनका सार्वजनिक जीवन धीरे-धीरे रोटरी, स्वास्थ्य, सामाजिक सेवा और कला-संस्कृति जैसे अनेक क्षेत्रों तक फैलता गया।
रोटरी से उनका जुड़ाव विशेष रूप से उल्लेखनीय है। पालमपुर में रोटरी ने वर्षों से सेवा की जो परंपरा विकसित की है, उसमें के. जी. बुटेल जैसे लोगों का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। Palampur Rotary Eye Foundation के चेयरमैन के रूप में उन्होंने स्वास्थ्य सेवा से जुड़े एक ऐसे संस्थान की जिम्मेदारी संभाली, जिसका उद्देश्य केवल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाना नहीं, बल्कि जरूरतमंद व्यक्ति तक उपचार पहुंचाना भी है। मेला मल सूद रोटरी आई अस्पताल, मारंडा आज जिस सेवा भावना का प्रतीक है, उसके पीछे वर्षों की मेहनत और अनेक लोगों का योगदान रहा है। जरूरतमंद मरीजों को नेत्र चिकित्सा उपलब्ध करवाने और स्वास्थ्य सेवाओं को समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचाने की सोच में बुटेल की भूमिका इसी सेवा परंपरा का हिस्सा रही है।
लेकिन यदि केवल पदों की सूची बनाई जाए तो शायद के. जी. बुटेल के व्यक्तित्व का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा छूट जाएगा। उनके बारे में बात करते हुए उनके स्वभाव का उल्लेख जरूरी है। आर्थिक रूप से संपन्न होने के बावजूद वे काम से दूरी बनाने वाले व्यक्ति नहीं हैं। मेहनत करने से कभी पीछे नहीं हटते और छोटा-बड़ा काम स्वयं करने में भी संकोच नहीं करते। अपने वर्कर्स के साथ उनके संबंध केवल मालिक और कर्मचारी के नहीं, बल्कि व्यक्तिगत आत्मीयता वाले रहे हैं। उनके साथ काम करने वालों के सुख-दुख को समझना और उनकी परेशानियों में संवेदनशीलता दिखाना उनके व्यवहार का हिस्सा है। यही वह गुण है जो किसी व्यक्ति को केवल सफल नहीं, बल्कि लोगों का अपना बनाता है।
समाज के जरूरतमंद और दुखी लोगों की सहायता के लिए आगे आना भी उनके व्यक्तित्व का महत्वपूर्ण पक्ष है। किसी के सामने बीमारी की समस्या हो, आर्थिक कठिनाई हो या परिवार पर कोई संकट आया हो, ऐसे समय में सहायता के लिए आगे बढ़ना उनके स्वभाव में दिखाई देता है। समाजसेवा हमेशा बड़े मंचों या बड़े आयोजनों से नहीं होती। कभी-कभी किसी व्यक्ति की परेशानी सुन लेना, उसके साथ खड़े हो जाना या आवश्यकता के समय आर्थिक अथवा अन्य सहायता कर देना भी उतनी ही महत्वपूर्ण सेवा होती है। के. जी. बुटेल के सामाजिक जीवन में इस व्यक्तिगत संवेदना का अपना महत्व है।
उनका व्यक्तित्व केवल रोटरी और स्वास्थ्य सेवा तक सीमित नहीं रहा। कला और संस्कृति से उनका जुड़ाव भी उनके जीवन का महत्वपूर्ण पहलू है। Sobha Singh Memorial Art Society के अध्यक्ष के रूप में महान चित्रकार सरदार शोभा सिंह की कला विरासत से जुड़ना इस बात का प्रमाण है कि उनकी रुचियां और सामाजिक सरोकार कितने व्यापक हैं। आंद्रेटा की कला-संस्कृति और शोभा सिंह की विरासत को आगे बढ़ाने का कार्य केवल कला के संरक्षण तक सीमित नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का प्रयास भी है।
के. जी. बुटेल की एक और खूबी है—लोगों को साथ लेकर चलना। सामाजिक जीवन में अलग-अलग विचारों और स्वभाव के लोगों से मिलना पड़ता है। हर व्यक्ति से सहमत होना संभव नहीं होता, लेकिन संवाद बनाए रखना और संबंधों को सम्मान देना नेतृत्व की बड़ी खूबी है। बुटेल के व्यक्तित्व में यह सहजता दिखाई देती है। प्रतिष्ठा और संपन्नता के बावजूद उनमें घमंड या अनावश्यक दिखावे का भाव नहीं दिखता। वे लोगों से मिलते हैं, उन्हें सुनते हैं और अपने आसपास के लोगों के साथ आत्मीय संबंध बनाए रखते हैं।
शायद यही कारण है कि के. जी. बुटेल को केवल एक Tea Planter, रोटरी से जुड़े वरिष्ठ व्यक्तित्व, Palampur Rotary Eye Foundation के चेयरमैन या कला-संस्कृति से जुड़े व्यक्ति के रूप में देखना उनके व्यक्तित्व को सीमित कर देना होगा। इन सभी भूमिकाओं के पीछे एक ऐसा व्यक्ति दिखाई देता है जिसने जीवन में सफलता हासिल करने के साथ-साथ समाज से अपना रिश्ता भी बनाए रखा।
आज के समय में जब संपन्नता को अक्सर दूरी, पद को प्रभाव और सफलता को व्यक्तिगत उपलब्धि के रूप में देखा जाता है, ऐसे में के. जी. बुटेल जैसे व्यक्तित्व यह याद दिलाते हैं कि सफलता का एक अर्थ यह भी है कि आपकी क्षमता किसी दूसरे के काम आ सके। आपकी पहचान केवल आपके पास मौजूद साधनों से नहीं, बल्कि उन साधनों के माध्यम से किए गए कार्यों से बने।
कांगड़ा की चाय से लेकर रोटरी सेवा तक, स्वास्थ्य से लेकर कला-संस्कृति तक और अपने वर्कर्स से लेकर समाज के जरूरतमंद लोगों तक—के. जी. बुटेल का जीवन अनेक स्तरों पर लोगों से जुड़ा दिखाई देता है। उनकी संपन्नता एक तथ्य हो सकती है, लेकिन उनकी सहजता और संवेदनशीलता उनके व्यक्तित्व की असली खूबसूरती है।

KG BUTAIL chairman Rotary Eye Foundation 

अंततः किसी भी व्यक्ति के जीवन का मूल्यांकन उसके पदों से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार और उसके पीछे छोड़ी गई मानवीय छाप से होना चाहिए। के. जी. बुटेल की पहचान भी शायद इसी में है कि उन्होंने संपन्न होकर भी सहज रहना सीखा, नेतृत्व करते हुए भी लोगों को साथ रखना सीखा और अपनी क्षमता का उपयोग केवल अपने लिए नहीं, बल्कि दूसरों के काम आने में भी किया।
यही किसी सार्वजनिक व्यक्तित्व की सबसे बड़ी पूंजी होती है—लोग आपको आपके पद के कारण नहीं, बल्कि आपके व्यवहार, आपकी संवेदनशीलता और मुश्किल समय में आपके साथ खड़े होने के कारण याद रखें।
बी.के. सूद
चीफ एडिटर | TRICITY TIMES

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