#Taxi:*पालमपुर में टैक्सी चालकों का सवाल: मान्यता प्राप्त स्टैंड कब मिलेंगे?*
यूनियन ने उठाई आवाज—“बिना अधिकृत स्टैंड के रोज़गार पर संकट” पालमपुर

पालमपुर में टैक्सी चालकों का सवाल: मान्यता प्राप्त स्टैंड कब मिलेंगे?

यूनियन ने उठाई आवाज—“बिना अधिकृत स्टैंड के रोज़गार पर संकट”
पालमपुर

(Bksood chief editor ,tricity times):
पालमपुर में टैक्सी चालकों के सामने इन दिनों अपने रोजगार को लेकर गहरी चिंता बनी हुई है। शहर में लंबे समय से टैक्सी संचालन अधिकतर अस्थायी और गैर-मान्यता प्राप्त स्टैंडों से होता रहा है, लेकिन अब प्रशासनिक सख्ती और बदलती व्यवस्थाओं के चलते यह काम करना पहले जितना आसान नहीं रह गया है। चालकों का कहना है कि बिना अधिकृत स्थान के उन्हें हर दिन अनिश्चितता के बीच अपनी रोज़ी-रोटी चलानी पड़ रही है।
पालमपुर टैक्सी यूनियन ने इस मुद्दे को लेकर प्रशासन को अपनी परेशानियां स्पष्ट रूप कई बार रखी हैं परंतु कोई एक्शन नहीं हुआ। यूनियन के प्रवक्ता ने कहा कि “टैक्सी चालकों के लिए शहर में निर्धारित और मान्यता प्राप्त स्टैंड नहीं होने के कारण रोजाना समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कई बार प्रशासन की ओर से हटाने की चेतावनी मिलती है, जिससे काम करना मुश्किल हो जाता है और मानसिक दबाव भी बढ़ता है।” यूनियन ने मांग की है कि टैक्सी चालकों के लिए तय और अधिकृत स्थान चिन्हित किए जाएं, ताकि वे बिना डर के अपना काम कर सकें।
टैक्सी चालकों के अनुसार, सबसे बड़ी समस्या यह है कि उनके पास बैठने या आराम करने के लिए कोई निश्चित जगह नहीं है। उन्हें सर्दी, गर्मी, तेज धूप और बरसात—हर मौसम में खुले में ही खड़ा रहना पड़ता है। न तो छांव की व्यवस्था है और न ही बुनियादी सुविधाएं जैसे पीने का पानी या शौचालय। दिनभर यात्रियों की प्रतीक्षा में खड़े रहना और फिर भी किसी प्रकार की सुविधा न मिलना, उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है।
यूनियन पदाधिकारियों का कहना है कि टैक्सी सेवा पालमपुर की जरूरतों का अहम हिस्सा है। पर्यटन गतिविधियों से लेकर स्थानीय लोगों के दैनिक आवागमन तक, टैक्सियां हर स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। बावजूद इसके, इस क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए बुनियादी सुविधाएं और स्थिरता अब भी एक बड़ा मुद्दा बनी हुई है।
चालकों के अनुसार, वर्तमान स्थिति में वे जिन जगहों से काम कर रहे हैं, वहां उनकी कोई आधिकारिक पहचान नहीं है। न तो वहां ठहरने की उचित व्यवस्था है और न ही कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश। ऐसे में हर दिन यह आशंका बनी रहती है कि कभी भी उन्हें वहां से हटाया जा सकता है। यूनियन के प्रवक्ता ने में यह भी बताया कि सरकार नई परिवहन योजनाओं पर काम कर रही है, लेकिन पारंपरिक टैक्सी चालकों के लिए स्पष्ट और व्यावहारिक समाधान की कमी महसूस की जा रही है।
इस पूरे मामले को लेकर अब स्थानीय स्तर पर यह मांग तेज हो रही है कि प्रशासन जल्द से जल्द कोई ठोस निर्णय ले और टैक्सी चालकों को मान्यता प्राप्त स्टैंड उपलब्ध करवाए। यह केवल चालकों के रोजगार का सवाल नहीं, बल्कि पूरे शहर की सुचारू परिवहन व्यवस्था से जुड़ा विषय है।
टैक्सी यूनियन के प्रवक्ताओं ने कहा कि उनकी यहां के दोनों ही पार्टियों के नेताओं से पुरजोर मांग है कि वह उनकी समस्याओं को सुने उनकी समस्याओं पर ध्यान दें क्योंकि वह भी इसी शहर के नागरिक हैं और उनकी समस्याओं को सुनना और उनका समाधान निकालना यहां के शासन का प्रथम कर्तव्य होना चाहिए जो अफसोस से आज तक नहीं हो पाया है।

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