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पालम गैस एजेंसी पालमपुर पर बढ़ाया गया फालतू का बोझ

धर्मशाला की इंडेन एजेंसी से अधिकार छिनने के बाद नई जिम्मेदारी पालमपुर को, उपभोक्ताओं ने उठाए कई सवाल

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पालम गैस एजेंसी पालमपुर पर बढ़ाया गया फालतू का बोझ

धर्मशाला की इंडेन एजेंसी से अधिकार छिनने के बाद नई जिम्मेदारी पालमपुर को, उपभोक्ताओं ने उठाए कई सवाल

पालमपुर/धर्मशाला। tct

धर्मशाला क्षेत्र में इंडेन गैस सिलिंडरों की आपूर्ति व्यवस्था को लेकर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा लिया गया हालिया निर्णय अब बहस का विषय बन गया है। जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक पुरुषोत्तम सिंह के आदेशों के अनुसार धर्मशाला की इंडेन गैस एजेंसी से बुकिंग और सिलिंडर आपूर्ति के अधिकार वापस लेकर यह जिम्मेदारी पालमपुर की पालम गैस एजेंसी को सौंप दी गई है।

विभाग का तर्क है कि धर्मशाला क्षेत्र में उपभोक्ताओं की लगातार शिकायतों और कथित अनियमितताओं को देखते हुए यह कदम उठाया गया है ताकि लोगों को समय पर गैस उपलब्ध हो सके। लेकिन दूसरी ओर पालमपुर क्षेत्र के उपभोक्ताओं का कहना है कि यह निर्णय बिना जमीनी वास्तविकताओं का आकलन किए लिया गया प्रतीत होता है।

स्थानीय उपभोक्ताओं के अनुसार पालम गैस एजेंसी पहले से ही हजारों उपभोक्ताओं को सेवा दे रही है और कई बार लोगों को गैस बुकिंग के लिए दो-दो और तीन-तीन दिन तक प्रयास करने पड़ते हैं। कुछ उपभोक्ताओं का आरोप है कि उनकी बुकिंग स्वतः रद्द हो जाती है तथा समस्या के समाधान के लिए एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ते हैं।

लोगों का कहना है कि जब पालमपुर क्षेत्र में ही गैस आपूर्ति व्यवस्था को लेकर शिकायतें सुनने को मिल रही हैं, तो धर्मशाला क्षेत्र के अतिरिक्त उपभोक्ताओं का भार संभालना एजेंसी के लिए आसान नहीं होगा। ऐसे में आशंका है कि कहीं एक क्षेत्र की समस्या का समाधान करते-करते दूसरे क्षेत्र के उपभोक्ताओं को भी परेशानी का सामना न करना पड़े।

उपभोक्ताओं का एक और महत्वपूर्ण सवाल विभागीय जवाबदेही को लेकर है। लोगों का कहना है कि खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के निरीक्षकों (इंस्पेक्टरों), संबंधित अधिकारियों तथा शिकायत निवारण अधिकारियों के मोबाइल और कार्यालय संपर्क नंबर सार्वजनिक किए जाने चाहिए। इससे किसी भी प्रकार की गैस आपूर्ति, बुकिंग, ओटीपी, डिलीवरी अथवा उपभोक्ता शिकायत की स्थिति में आम नागरिक सीधे संबंधित अधिकारी से संपर्क कर सकेंगे और समस्याओं का शीघ्र समाधान संभव हो सकेगा।

उपभोक्ताओं का यह भी आरोप है कि गैस एजेंसियों के फोन कई बार नहीं उठते, जिससे लोगों को आवश्यक जानकारी प्राप्त करने में कठिनाई होती है। ऐसे में विभागीय अधिकारियों की सीधी पहुंच आम जनता तक होना समय की आवश्यकता है।

गौरतलब है कि सूत्रों के अनुसार जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक ने कहा है कि एजेंसी के खिलाफ लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं और नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए उसकी बुकिंग एवं आपूर्ति व्यवस्था पालमपुर की एजेंसी को हस्तांतरित की गई है। विभाग का दावा है कि अब उपभोक्ताओं को पहले की तरह ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से निर्धारित समय में गैस सिलिंडर उपलब्ध कराए जाएंगे और आपूर्ति व्यवस्था सुचारू बनी रहेगी।

अब देखना यह होगा कि पालम गैस एजेंसी इस अतिरिक्त जिम्मेदारी को किस प्रकार निभाती है और क्या विभाग दोनों क्षेत्रों में गैस आपूर्ति व्यवस्था की नियमित निगरानी कर उपभोक्ताओं को वास्तविक राहत दिला पाता है। फिलहाल आम जनता की मांग है कि गैस आपूर्ति व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए, शिकायतों के त्वरित निपटारे की व्यवस्था हो तथा विभागीय अधिकारियों के संपर्क विवरण सार्वजनिक किए जाएं ताकि जरूरत पड़ने पर उपभोक्ताओं को भटकना न पड़े।

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