डॉ.राधिका शर्मा पत्नि डॉ प्रेम भारद्वाज कोअरनी विश्वविद्यालय द्वारा मानद डॉक्टरेट (Honorary Doctorate) की प्रतिष्ठित उपाधि से किया गया सम्मानित


डॉ.राधिका शर्मा पत्नि डॉ प्रेम भारद्वाज कोअरनी विश्वविद्यालय द्वारा मानद डॉक्टरेट (Honorary Doctorate) की प्रतिष्ठित उपाधि से किया गया सम्मानित

कांगड़ा, 10 मई 2026:
डॉ. राधिका शर्मा, जो डॉ. प्रेम भारद्वाज की धर्मपत्नी हैं, को अरनी विश्वविद्यालय द्वारा मानद डॉक्टरेट (Honorary Doctorate) की प्रतिष्ठित उपाधि से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें विज्ञान और समाज सेवा के क्षेत्र में उनके दीर्घकालिक और उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया।
यह सम्मान 9 मई 2026 को आयोजित एक विशेष दीक्षांत समारोह के दौरान प्रदान किया गया, जहां विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. विवेक ने उन्हें औपचारिक रूप से यह उपाधि प्रदान की। इस गरिमामय समारोह में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए शिक्षाविद, चिकित्सक, समाजसेवी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इसी अवसर पर हिमाचल प्रदेश के दो प्रतिष्ठित संगीत क्षेत्र के दिग्गजों को भी उनके विशिष्ट योगदान के लिए मानद डॉक्टरेट से सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।
डॉ. राधिका शर्मा का करियर प्रारंभ से ही शैक्षणिक उत्कृष्टता और शोध कार्यों से परिपूर्ण रहा है। उन्होंने अपने पोस्ट-ग्रेजुएशन के दौरान CSIR के अंतर्गत और पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, लुधियाना में विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया। उस समय उनके शोध और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को विशेष सराहना मिली थी। इसके पश्चात उन्होंने अपने एमफिल के दौरान भी उत्कृष्ट शोध कार्य कर अपनी अकादमिक प्रतिभा का परिचय दिया, जिससे वह अपने क्षेत्र में एक सशक्त और समर्पित शोधकर्ता के रूप में स्थापित हुईं।
शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ डॉ. शर्मा ने समाज सेवा के क्षेत्र में भी अभूतपूर्व योगदान दिया है। वह हिमाचल डायबिटीज स्ट्रोक सोसाइटी की अध्यक्ष के रूप में लंबे समय से सक्रिय हैं। उनके नेतृत्व में कांगड़ा जिले के विभिन्न ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 200 से अधिक निःशुल्क डायबिटीज जांच एवं परामर्श शिविरों का सफल आयोजन किया गया। इन शिविरों के माध्यम से हजारों मरीजों को न केवल निःशुल्क जांच और परामर्श मिला, बल्कि उन्हें डायबिटीज से बचाव और प्रबंधन के बारे में भी जागरूक किया गया।
उनकी यह पहल विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुई, जहां स्वास्थ्य सुविधाएं सीमित हैं। उनके प्रयासों से न केवल डायबिटीज के प्रति जागरूकता बढ़ी, बल्कि समय पर जांच और उपचार की दिशा में भी लोगों को प्रेरणा मिली। समाज के प्रति उनकी इस निस्वार्थ सेवा भावना ने उन्हें एक प्रतिष्ठित समाजसेवी के रूप में स्थापित किया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. राधिका शर्मा ने विज्ञान और समाज सेवा—दोनों क्षेत्रों में जिस समर्पण और उत्कृष्टता का परिचय दिया है, वह प्रेरणादायक है। उनके कार्य न केवल वर्तमान पीढ़ी के लिए, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी मार्गदर्शक सिद्ध होंगे।
यह सम्मान न केवल डॉ. राधिका शर्मा की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। चिकित्सा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने उनकी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की है और इसे समाज सेवा और वैज्ञानिक सोच के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया है।

डॉ राधिका शर्मा पत्नी डॉक्टर प्रेम भारद्वाज के साथ जन्मदिन मनाते हुए (फाइल फोटो)

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