#Palampur घुग्घर गैस एजेंसी के उपभोक्ता परेशान: 45 दिन की बाध्यता बनी बड़ी मुसीबत, रोजाना हो रहे विवाद


घुग्घर गैस एजेंसी के उपभोक्ता परेशान: 45 दिन की बाध्यता बनी बड़ी मुसीबत, रोजाना हो रहे विवाद

पालमपुर के घुग्घर क्षेत्र में स्थित गैस एजेंसी में इन दिनों रसोई गैस रिफिल को लेकर गंभीर स्थिति बनी हुई है। 25 दिन की जगह 45 दिन की अनिवार्य रिफिल अवधि के कारण उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे यह मुद्दा अब एक बड़ी जनसमस्या बन चुका है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, संबंधित घुग्घर गैस एजेंसी का क्षेत्र “ग्रामीण” श्रेणी में दर्ज होने के कारण गैस सिलेंडर की बुकिंग 45 दिन बाद ही संभव हो पा रही है। जबकि इसी क्षेत्र में मौजूद दूसरी एजेंसी में उपभोक्ताओं को 25 दिन में ही रिफिल मिल रही है। इस असमान व्यवस्था के चलते लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।
स्थिति को और जटिल बनाता है उपभोक्ताओं की संख्या का अंतर। घुग्घर गैस एजेंसी के पास लगभग 8500 गैस कनेक्शन हैं, जबकि दूसरी ओर पालम गैस एजेंसी के पास करीब 28000 उपभोक्ता हैं। ऐसे में जहां बड़ी एजेंसी के पास अधिक आपूर्ति और वितरण की सुविधा है, वहीं कम उपभोक्ताओं वाली एजेंसी में सप्लाई उसी अनुपात में सीमित रहती है।
हालांकि, आम उपभोक्ताओं को इस तकनीकी और वितरण व्यवस्था की पूरी जानकारी नहीं होने के कारण वे एजेंसी स्टाफ को ही जिम्मेदार ठहराते हैं। हर दिन बड़ी संख्या में लोग एजेंसी कार्यालय पहुंचकर बहस और विवाद की स्थिति पैदा कर रहे हैं, जिससे स्टाफ को भी मानसिक दबाव और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वास्तविकता यह है कि यह एजेंसी फूड एंड सिविल सप्लाई विभाग के नियंत्रण में कार्य कर रही है और नियमों के अनुसार ही गैस वितरण किया जा रहा है। बावजूद इसके, लोगों में यह धारणा बन रही है कि जानबूझकर गैस उपलब्ध नहीं करवाई जा रही, जबकि जमीनी स्थिति इससे बिल्कुल अलग है।
तकनीकी स्तर पर भी चुनौतियां सामने आई हैं। डिलीवरी के दौरान इस्तेमाल होने वाले एप में सीमित कार्य दिखाई देने के कारण डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) समय पर अपडेट नहीं हो पाते, जिससे बाद में पोर्टल पर त्रुटियां आती हैं और प्रक्रिया और धीमी हो जाती है।
जनहित में अब यह मांग तेज हो रही है कि संबंधित क्षेत्र की श्रेणी को शहरी (Urban) में अपडेट किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को 25 दिन में गैस रिफिल की सुविधा मिल सके और अनावश्यक विवादों से राहत मिले।
उधर घुग्घर एजेंसी के उपभोक्ता में भारी रोष है कि उन्हें गैस बुक करने के लिए 45 दिन की बाध्यता क्यों है जबकि पालम गैस एजेंसी वाले उपभोक्ता 25 दिन बाद यह अपनी गैस बुक करवा सकते हैं जबकि वास्तविक स्थिति यह है कि दोनों ही गैस एजेंसियां नगर निगम पालमपुर की परिधि में पड़ती हैं तथा दोनों ही गैस एजेंसीयों के उपभोक्ता एक ही शहर के निवासी हैं तो फिर यह सौतेला व्यवहार घुग्घर गैस एजेंसी के साथ क्यों किया जा रहा है? घुग्घर गैस एजेंसी के उपभोक्ताओं के साथ क्यों किया जा रहा है? जिस पर शासन प्रशासन को शीघ्र अति शीघ्र संज्ञान लेना चाहिए। क्योंकि घुग्घर गैस एजेंसी वाले इन दोनों अपना कनेक्शन किसी दूसरी गैस एजेंसी में भी ट्रांसफर नहीं करवा सकते।
क्या शासन प्रशासन इस विषय पर ध्यान देगा और घुग्घर गैस एजेंसी के उपभोक्ताओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए उनकी समस्याओं का शीघ्र अति शीघ्र हल करेगी।



